
उम्र
सचिन ने अपना क्रिकेट करियर मात्र 16 साल की उम्र में शुरू किया था और वो 41 साल की उम्र में रिटायर हुए हैं। किसी भी खिलाड़ी के लिए इतनी लंबी फिटनेस बनाये रखना बहुत मुश्किल है। विराट कोहली के लिए अभी ये कह पाना बहुत मुश्किल है।

गेंदबाजों में नहीं है दम
आज के क्रिकेट में गेंदबाजी में वो लय नहीं दिखती जो इमरान खान, कर्टले एम्ब्रोस, कोर्टनी वॉल्श, एलन डोनाल्ड, वसीम अकरम, वकार यूनुस, शोएब अख्तर, ब्रेट ली,ग्लेन मैग्राथ, शेन वॉर्न जैसे सरीखों की गेंद में होती थी, इनमें से हर किसी की बॉल को तेंदुलकर के बैट ने पीटा है लेकिन आज कोहली के आगे ऐसे गेंदबाज नहीं है।

हालात आसान
आज क्रिकेट बहुत कमर्शियल हो गया है, हर फार्मेट के लिए काफी नई तकनीकें हैं और आज पहले से ज्यादा मैच खेले जाते हैं और कोहली इस मौजूदा फार्मेट के प्लेयर है इसलिए उन्हें चीजें आसानी से मिलती है जो कि तेंदुलकर के समय नहीं होती थी।

हर दौर में सचिन
सचिन ने मोहम्मद अजहरूद्दीन से लेकर महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेला है और हर कप्तानी के दौर में वो ही बतौर खिलाड़ी बेस्ट रहे हैं, वो टीम की और टीम उनकी जरूरत हमेशा बने रहे, कोहली को अभी इस मामले में अपने आपको साबित करना है क्योंकि इसमें कोई शक नहीं कि कप्तान धोनी ने भी कोहली को तराशने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सचिन का केवल बल्ला आक्रामक था
रिकार्ड बनते ही हैं टूटने के लिए, हो सकता है कि सचिन के सारे रिकार्ड कोहली तोड़ भी दें लेकिन सचिन की तरह संयमित और शांत वो कभी नहीं दिखते। सचिन का केवल बैट आक्रामक था लेकिन कोहली का यहां स्वभाव और बैट दोनों ही एग्रेसिव हैं, जो उन्हें तेंदुलकर से अलग करती है। दोनों ही शानदार खिलाड़ी है लेकिन कोहली को अभी तेंदुलकर की तरह महान बनने में लंबा वक्त लगेगा।


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