नई दिल्ली। यूं तो रक्षाबंधन के पर्व भाई अपने बहन को तोहफे देता है लेकिन साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर अपने परिवार के साथ-साथ भाई को भी तोहफा दिया।
साक्षी के भाई सचिन ने बहन की इस जीत कहा कि 'मैं उसे प्यार करता हूं। इससे बड़ा तोहफा शायद ही कोई बहन अपने भाई दे।'
I love her. That’s it: Sachin’s Rakshabandhan message to his sister #SakshiMalik, a #Rio2016 Bronze medallist pic.twitter.com/xYpxG3IHNO
— ANI (@ANI_news) August 18, 2016
बता दें कि साक्षी मलिक ने मात्र 23 साल की उम्र में कजाकिस्तान की अइसुलू टाइबेकोवा को 58 किलोग्राम वर्ग में हराकर जीत हासिल की है। 12 साल की उम्र से साक्षी ही रेसलिंग कर रही हैं।
रेसलिंग के शुरूआती दिनों में ही साक्षी ने रेसलिंग मे अपना कैरियर बनाने का मन बना लिया था। इससे पहले भी साक्षी कई राष्ट्रीय और अतंरराष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं लेकिन रियो में उनकी जीत ने चार चांद लगा दिए।
बृहस्पतिवार की रात ढाई बजे से शुरू हुए मैच में जब साक्षी ने जीत का पंच मारा तो उनके घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। साक्षी की जीत के बाद उनके घर बधाईयों का तांता लग गया।
साक्षी के घर हरियाणा सरकार में मंत्री मनीष ग्रोवर पहुंचे और परिवार को बधाई दी। साथ ही जब मीडिया साक्षी के पिता सुखबीर सिंह से बात कर रहा था उसी दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने फोन कर उन्हें बधाई दी।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की बेटी साक्षी मलिक ने रक्षाबंधन के मौके पर तिरंग के लिए नई शक्ति और सम्मान का संचार किया है।
साक्षी की जीत के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें ढाई करोड़ रुपए और एक सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। साक्षी की जीत के बाद उनके घर में दिवाली सरीखा माहौल बन गया।