भारत के पूर्व कोच की युवाओं से अपील- नखरा छोड़ो, हार्दिक पांड्या जैसे मत बनो

Sandeep Patil appeals to youth do not be like hardik pandya, take inspiration from Sachin and Dravid

नई दिल्ली: पूर्व नेशनल सेलेक्टर संदीप पाटिल चाहते हैं कि युवा पीढ़ी के क्रिकेटर राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों का फॉलो करें लेकिन हार्दिक पांड्या को अपना आदर्श ना बनाएं।

पाटिल ने अपने खेलने के दिनों के बारे मे बात करते हुए कहा, "हमारे खेलने के दिनों में कोई सन क्रीम या ऐसा कुछ नहीं था, सूरज नहीं बदला है। आज, यहां तक ​​कि हैरिस और जाइल्स शील्ड बॉयज अपने चेहरे पर क्रीम लगाकर बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग करते हैं। इन हरकतों को रोकें, हार्दिक पांड्या न बनें"

'सचिन-द्रविड़ को फॉलो करो, पांड्या को नहीं'

'सचिन-द्रविड़ को फॉलो करो, पांड्या को नहीं'

पूर्व भारतीय कोच ने बुधवार को क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) ब्रेबोर्न स्टेडियम में अंडर -16 हैरिस शील्ड फाइनल के पुरस्कार वितरण समारोह में कहा।

1983 के विश्व कप विजेता टीम के ऑलराउंडर ने युवाओं को बड़े सपने देखने की सलाह दी। पाटिल (29 टेस्ट और 45 एकदिवसीय) ने कहा, "अगर आप [अच्छे] बनना चाहते हैं तो राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े नाम हैं। हमारे पास अजिंक्य रहाणे भी हैं।"

युवाओं को दी भारत के पूर्व कोच ने सीख-

युवाओं को दी भारत के पूर्व कोच ने सीख-

उन्होंने फाइनलिस्ट को बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए भी कहा। पाटिल ने कहा, "यह आपका पहला कदम है, जिसे सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर, सचिन तेंदुलकर, विनोद कांबली, अजिंक्य और रोहित शर्मा ने भी अनुभव किया है। पहला कदम आगे बढ़ाने में सफल होना संभव है, लेकिन अब से, सभी कदम बहुत मुश्किल हो जाएंगे।"

अफ्रीका के 'श्रापित' दौरे पर इंग्लैंड को लगा और बड़ा झटका, सीरीज से बाहर हुए एंडरसन

इस दौरान पाटिल ने चार दिन के टेस्ट मैच कराने के आईसीसी आइडिए पर भी बात की। भारत के पूर्व कोच संदीप पाटिल प्रस्तावित चार दिवसीय टेस्ट के पक्ष में नहीं हैं।

4 दिन टेस्ट का विचार बताया बकवास

4 दिन टेस्ट का विचार बताया बकवास

उन्होंने कहा, "यह बकवास है। मैं पुराने विचारों का हूं। सचिन तेंदुलकर ने इसे इतनी अच्छी तरह और सही तरीके से कहा है कि पांच दिवसीय टेस्ट में पहला दिन तेज गेंदबाजों के नाम होता है और टेस्ट क्रिकेट अपने आप में एक चरित्र की परीक्षा है।

"इसे टेस्ट क्यों कहा जाता है? यह इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह किसी व्यक्ति का असली टेस्ट होता है। किसी एक क्रिकेटर को पहले दिन और अंतिम दिन तक एक कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। आपको पहले दिन तेज गेंदबाजों को और अंतिम दिन स्पिनरों का सामना करना पड़ता है।"

For Quick Alerts
Subscribe Now
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

Story first published: Thursday, January 9, 2020, 11:04 [IST]
Other articles published on Jan 9, 2020

Latest Videos

    + More
    POLLS
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more