आखिर क्या है राहुल द्रविड़ की सफलता का राज, ग्रेग चैपल ने किया खुलासा, बोले- हम ये नहीं कर पा रहे हैं

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम को युवा खिलाड़ियों की एक ऐसी खेप दी जिसने भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह से बदल दिया। भारत की बेंच स्ट्रेंथ इस समय इतनी मजबूत है कि हम मुख्य टीव के अलावा एक अलग टीम तैयार कर सकते हैं और वह किसी भी टीम को हराने का माद्दा रखती है। घरेलू क्रिकेट से किस तरह से राहुल द्रविड़ ने एक मजबूत खिलाड़ियों की खेप तैयार की इसको लेकर पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने कहा कि द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलियाई दिमाग से यह करने में सफलता हासिल की है।

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द्रविड़ ऑस्ट्रेलिया की नीति अपना रहे

द्रविड़ ऑस्ट्रेलिया की नीति अपना रहे

ग्रेग चैपल ने कहा कि राहुल द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया दिमाग से घरेलू क्रिकेट से एक मजबूत खिलाड़ियों की खेप तैयार की जोक भारत की टीम को अच्छे से भर रहे हैं। यह रणनीति फिलहाल ऑस्ट्रेलिया नहीं अपना रहा है जिसकी सख्त जरूरत है। चैपल ने कहा कि भारत और इंग्लैंड दोनों ने ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ दिया क्योंकि उनके युवा खिलाड़ी एक अच्छा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं। भारत ने यह बखूबी किया है और इसके पीछे राहुल द्रविड़ का दिमाग है, उन्होंने देखा है कि हमने क्या किया है और वह उन्ही चीजों को अपने यहां लागू कर रहे हैं।

भारत-इंग्लैंड हमसे आगे

भारत-इंग्लैंड हमसे आगे

ऑस्ट्रेलिया को चेतावनी देते हुए चैपल ने कहा कि अगर हम युवा खिलाड़ियों को सही से नहीं तैयार करते हैं तो आने वाले समय में मुश्किल बढ़ेगी। मैं देख रहा हूं कि कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके पास प्रतिभा है लेकिन उन्हें अच्छी तरह से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हम एक भी खिलाड़ी को खोने का जोखिम नहीं ले सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया अब खुद को यह नहीं कह सकता है कि वह नए खिलाड़ियों की पहचान करने में सबसे आगे है। भारत और इंग्लैंड अब हमसे बेहतर ये काम कर रहे हैं।

ये है बड़ा अंतर

ये है बड़ा अंतर

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में जीत पर चैपल ने कहा कि जब आप भारतीय टीम को देखते हैं तो ब्रिस्बेन टेस्ट में उनके पास तीन-चार नए खिलाड़ी थे, हर कोई कह रहा था कि यह भारत की बी टीम है लेकिन इन खिलाड़ियों ने भारत ए की ओर से काफी मैच खेले हैं। इन खिलाड़ियों ने हर तरह की स्थिति में खेला है, ना सिर्फ भारत बल्कि बाहर भी। ऐसे में जब उन्हें टीम में जगह दी जाती है तो वो तुक्का नहीं होता है, ये काफी मजबूत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन चुके होते हैं। लेकिन विल पुकोस्की और कैमरून ग्रीन की बात करें तो उन्होंने मुश्किल से ऑस्ट्रेलिया के बाहर कोई मैच खेला है।

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Story first published: Thursday, May 13, 2021, 11:43 [IST]
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