नेशनल सेलेक्टर्स की नीतियों पर उठाया छोटे शहर के क्रिकेटर ने बड़ा सवाल

Sheldon jackson slams India selectors for ignoring ‘small state’ cricketers

नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट में सबसे बड़ा टूर्नामेंट माना जाता है। इस टूर्नामेंट को खेलने वाले हर युवा भारतीय क्रिकेटर का सपना एक दिन टीम इंडिया के लिए खेलना होता है। ऐसे में अगर कोई टीम रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचती है और उसके खिलाड़ियों को भारत ए की टीम के लिए चयन के लायक नहीं समझा जाता तो फिर खिलाड़ियों की निराशा समझी जा सकती है। कुछ ऐसा ही मामला सौराष्ट्र के विकेटकीपर शेल्डन जैकसन ने शेयर किया है। जैकसन ने भारत के नेशनल सेलेक्टर्स की नीतियों पर निशाना साधा है कि वे किस आधार पर भारत की ए टीम के खिलाड़ियों को चुनते हैं।

शेल्डन जैक्सन ने साधा सेलेक्टर्स पर निशाना

शेल्डन जैक्सन ने साधा सेलेक्टर्स पर निशाना

जैक्सन, जिनको जैक्सी भी कहा जाता है, का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एवरेज 50 के आसपास का है। जैक्सन का स्पष्ट तौर पर मानना है कि छोटे शहर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव किया जाता है। कोलकाता नाइट राइडर्स टीम की ओर खेल चुके इस आक्रामक बल्लेबाज ने चयनकर्ताओं से अपील की है कि वे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतें। इसके लिए उन्होंने दो ट्वीट के जरिए अपनी बात कही है। उनके लिखा है- 'सौराष्ट्र की टीम ने इस साल रणजी ट्रॉफी के फाइनल में भाग लिया था, और हैरानी की बात यह है कि सभी जगह परफॉर्म करने के बाद भी टीम के किसी भी खिलाड़ी को 'ए' सीरीज के लिए नहीं चुना गया। तो क्या रणजी ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेलना की महत्ता जीरो हो गई है?'

'छोटे शहरों के क्रिकेटरों से भेदभाव क्यों'

'छोटे शहरों के क्रिकेटरों से भेदभाव क्यों'

उन्होंने इसी कड़ी में अगला ट्वीट करते हुए कहा, 'या फिर छोटे शहरों को ज्यादा गंभीरता से लिया ही नहीं जाता है क्योंकि पिछले पांच साल में सौराष्ट्र ने सितांशु कोटक्स की कोचिंग में तीन फाइनल मैच ही खेले हैं ( हमारे पास हाल के सालों में गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं) लेकिन हमको क्रेडिट नहीं मिल पाया है।

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'चयनकर्ता कब बरतेंगे पारदर्शिता'

इतना ही नहीं उन्होंने एक और ट्वीट के जरिए कहा है- 'मुझे सवाल ना करने के लिए कहा गया है, लेकिन मेरा पक्के तौर पर विश्वास है हम इस खूब ऑर्गेनाइजेशन और एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करते हैं और हम एक खिलाड़ी के तौर पर ये जानने का पूरा हक रखते हैं कि क्यों, और कहा कमी कर रहे हैं या फिर हमारा करियर यही सोचकर खत्म होने जा रहा है कि चयनकर्ताओं को पारदर्शी क्यों होना चाहिए।' उन्होंने बाद मे रणजी ट्रॉफी के आंकड़े प्रस्तुत किए जो सौराष्ट्र के खिलाड़ियों को हाइलाइट कर रहे थे।

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Story first published: Wednesday, September 4, 2019, 17:02 [IST]
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