हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ 64 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 18 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि नाइटवॉचमैन जेम्स एंडरसन दो रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं।
पहले दिन कुल मिलाकर भारतीय गेंदबाजों का दबदबा रहा। पहले सत्र में हालांकि टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रहे इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन बाद के सत्र में भारतीय गेंदबाज हावी रहे।
इसी का नजीता रहा कि इंग्लैंड ने बाद के सत्रों में न सिर्फ पांच विकेट गंवा दिए बल्कि उसकी रन बनाने की गति भी काफी धीमी रही। चायकाल तक इंग्लैंड 3.00 रन प्रति ओवर की गति तक पहुंचा था लेकिन खेल खत्म होते-होते उसकी गति 2.54 रन प्रति ओवर रह गई।
इंग्लैंड ने अपना पांचवां विकेट अपने करियर का 13वां शतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज एंड्रयू स्ट्रॉस (123) के रूप में गंवाया। स्ट्रॉस को स्पिन गेंदबाज अमित मिश्र ने अपनी ही गेंद पर लपका। स्ट्रॉस ने 233 गेंदों की पारी में 15 चौके लगाए। अपनी शतकीय पारी के दौरान स्ट्रॉस ने टेस्ट मैचों में 4000 रन भी पूरे कर लिए।
चायकाल के तुरंत बाद भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर खान ने मेहमान कप्तान केविन पीटरसन (4) को चलता किया था। पीटरसन के रूप में इंग्लैंड ने अपना तीसरा विकेट गंवाया जबकि पॉल कोलिंगवुड (9) चौथे विकेट के रूप में पेवेलियन लौटे।
सलामी बल्लेबाज एलिस्टर कुक ने 52 रनों का योगदान दिया। कुक ने 116 गेंदों पर पांच चौके लगाए। हालांकि इयान बेल (9) ने निराश किया। कुक का विकेट हरभजन सिंह के खाते में गया जबकि बेल को जहीर ने पगबाधा आउट किया। भारत की ओर से जहीर और हरभजन ने दो-दो विकेट लिए जबकि एक विकेट अमित को मिला।
इंग्लैंड की टीम सात बल्लेबाजों और चार गेंदबाजों के संयोजन के साथ मैदान में उतरी है। टीम में दो तेज गेंदबाज-स्टीव हर्मिसन तथा एंडरसन तथा दो स्पिनर- ग्रीम स्वान तथा मोंटी पनेसर को शामिल किया गया है। फ्लिंटॉफ हरफनमौला की भूमिका निभाएंगे। स्वान अपना पहला टेस्ट खेल रहे हैं।
भारतीय टीम भी सात बल्लेबाजों और चार गेंदबाजों के संयोजन के साथ उतरी है। टीम में दो स्पिनर-हरभजन सिंह और अमित शामिल किए हैं जबकि दो तेज गेंदबाज- ईशांत शर्मा और जहीर हैं।
दोनों टीमों के बीच इस मैदान पर 15 साल बाद टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इससे पहले 1993 में खेले गए आखिरी टेस्ट मैच में भारत ने पारी के अंतर से जीत दर्ज की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।