डबल सेंचुरी के बावजूद मयंक क्यों नहीं बने अभी बेस्ट ओपनर, जानिए पूर्व कप्तान का जवाब
नई दिल्ली: मयंक अग्रवाल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिस तरह से उसकी ही धरती पर टेस्ट मैचों में ओपनिंग का जिम्मा संभाला था वह भारत के लिए बहुत अच्छा संकेत था। ओपनिंग के मोर्चे पर जूझ रही टीम इंडिया के लिए मयंक ने एक शानदार विकल्प बनने के सभी लक्षण दर्शाए थे। इसके बाद मयंक ने वेस्टइंडीज दौरे पर संघर्ष दिखाया लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में पहले टेस्ट की पहली ही पारी में ना केवल शतक बनाया बल्कि उसको डबल सेंचुरी में भी तब्दील कर दिया।
अपने पहले ही टेस्ट शतक को दोहरे शतक में तब्दील करने वाले मयंक केवल चौथे भारतीय हैं। हालांकि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि मयंक को केवल एक अच्छी पारी के आधार पर जज करना गलत बात होगी। एक ऐसे समय में जब सब मयंक की जयकार कर रहे हैं तब गांगुली का कहना है- 'समस्या यह है कि हम लोग बहुत ही जल्द किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं। केवल एक शतक के साथ ही हम यह कहेंगे कि मयंक आपके पहली पसंद के टेस्ट ओपनर हैं। लेकिन वे जैसे ही एक-दो पारियों में फेल हो जाएंगे तो आप कुछ और बातें करेंगे। ये सब नहीं होना चाहिए।'
सौरव गांगुली का मानना है कि जो भी बल्लेबाज टॉप ऑर्डर पर भारत के लिए परफार्म करता है वह टीम के लिए अच्छा संकेत है। गांगुली ने कहा, 'मयंक ने ऑस्ट्रेलिया में अच्छा किया। उन्होंने वेस्टइंडीज में संघर्ष किया लेकिन अब घर में पहले ही टेस्ट में उन्होंने डबल सेंचुरी लगा दी है। अभी उनको खेलने के लिए एक साल दीजिए तब हम बता पाएंगे कि वह वास्तव में कितने अच्छे बल्लेबाज हैं।'
गांगुली ने रोहित शर्मा के लिए भी यही बात कही जिन्होंने मयंक के साथ दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाकर 176 रन बनाए थे। गांगुली ने कहा, 'रोहित का यह ओपनर के तौर पर पहला टेस्ट है। वह शानदार बल्लेबाज हैं और उम्मीद है कि अच्छा खेल जारी रखेंगे क्योंकि जब वे फॉर्म में होते हैं तब भारतीय बल्लेबाजी को ताकत मिलती है।'
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