नई दिल्लीः भारत की बाए हाथ की ओपनिंग बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट मैच में शानदार शतक ठोककर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई। उन्होंने 216 गेंदों पर 22 चौके व 1 छक्के की सहायता से 127 रनों की पारी खेली।
यह मंधाना का पहला टेस्ट मैच था फिर भी वे काफी सहज दिखाई दीं। दरअसल उनकी तैयारियां मजबूत थी और यह बात भी पता चली है कि वे पिछले तीन महीने से पिंक बॉल को अपनी किट में रखकर चलती थीं।
मंधाना ने डे-नाइट टेस्ट के पहले दिन कहा था कि द हंड्रेड से वापसी के बाद उनको पिंक बॉल से प्रैक्टिस करने का ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन उस प्रतियोगिता में उनको गुलाबी कुकाबुरा बॉल भी दी गई थी। जिसके वे अपने कमरे में रखती थीं और समझने की कोशिश करती थी कि यह गेंद कितनी अलग हो सकती है।
भारतीय स्टार ने कहा कि उनकी योजना सिर्फ योग्यता के अनुसार खेलने की थी।
उन्होंने कहा, "मैं गेंद के अनुसार खेलती था। मैंने वास्तव में कुछ भी योजना नहीं बनाई थी। पिछले दो दिनों में मुझे अच्छा लगा, मुझे लगा कि मैं अच्छी बल्लेबाजी करने में सक्षम हूं। मैं चीजों को जटिल नहीं करना चाहती।"
मंधाना ने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट एक अलग फॉर्मेट है जिसमें वो जितना संभव हो सके उतना खेलना चाहेंगी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने खबर लिखे जाने तक 100 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 275 रन बना लिए थे। मंधाना के आउट होने के बाद बाकी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को भुना नहीं पाई। पूनम राउत ने 165 गेंदों पर 36 रनों का योगदान दिया। कप्तान मिताली राज अच्छा करती दिख रही थी लेकिन वे भी 86 गेंदों पर 30 रन बनाकर रन आउट हो गई।
भारत को यहां पर जिस पारी की जरूरत थी वह मंधाना से मिली है। अब यहां पर भारतीय गेंदबाजी के हाथ में बहुत कुछ है क्योंकि यह देखना दिलचस्प होने जा रहा है कि झूलन गोस्वामी पिंक बॉल से कैसी मूवमेंट निकालने में सफल रहती हैं।