नागपुर टेस्ट में खेल सकते हैं गंभीर
नई दिल्ली, 2 नवंबरः अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने ओपनर गौतम गंभीर पर लगे एक टेस्ट के प्रतिबंध के खिलाफ की गई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की अपील की सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति एल्बी सेश को अपील कमिश्नर नियुक्त कर दिया।
दक्षिण अफ्रीकी न्यायाधीश न्यायमूर्ति सेश इस मामले की सुनवाई के लिए जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेंगे। नियमों के मुताबिक अपील कमिश्नर की नियुक्ति के एक सप्ताह के भीतर यह सुनवाई होगी। उनका अगला फैसला आने तक गंभीर खेलना जारी रख सकते हैं।
इसका मतलब है कि सीरीज में अब तक 448 रन बना चुके गंभीर छह नवंबर से नागपुर में होने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में खेल सकते हैं। भारतीय टीम से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि अपील कमिश्नर को कोई फैसला लेने में थोडा़ वक्त लगता है लिहाजा गंभीर के नागपुर टेस्ट में खेलने की हमें पूरी उम्मीद है।
गंभीर को भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज के आईसीसी मैच रेफरी क्रिस ब्राड ने शेन वाटसन को कोहनी मारने के आरोप में खेल भावना के उल्लंघन का दोषी मानते हुये एक टेस्ट के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।
लेकिन भारत ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी।आईसीसी की आचार संहिता के मुताबिक अपील कमिश्नर के पास किसी भी सजा को बढ़ाने, कम करने, संशोधित करने अथवा पूरी तरह बदलने का अधिकार होता है। उसका फैसला बाध्यकारी भी होता है और उसके खिलाफ कहीं भी अपील नहीं की जा सकती है।
गंभीर ने यहां चल रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन बुधवार को मेहमान टीम के आलराउंडर वाटसन को उकसावे में आकर कोहनी मार दी थी। मैच रेफरी ने मामले की सुनवाई के बाद गंभीर पर एक टेस्ट के लिए पाबंदी लगा दी थी जबकि वाटसन को दस फीसदी मैच फीस का जुर्माना करके छोड दिया था।
आईसीसी के कार्यकारी बोर्ड ने हाल ही में आचार संहिता में संशोधन किया था जिसके तहत अपील नामंजूर किए जाने की स्थिति में संबंधित खिलाडी को सुनवाई का खर्च उठाना पड़ेगा।
दक्षिण अफ्रीकी न्यायाधीश न्यायमूर्ति सेश इस मामले की सुनवाई के लिए जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेंगे। नियमों के मुताबिक अपील कमिश्नर की नियुक्ति के एक सप्ताह के भीतर यह सुनवाई होगी। उनका अगला फैसला आने तक गंभीर खेलना जारी रख सकते हैं।
इसका मतलब है कि सीरीज में अब तक 448 रन बना चुके गंभीर छह नवंबर से नागपुर में होने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में खेल सकते हैं। भारतीय टीम से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि अपील कमिश्नर को कोई फैसला लेने में थोडा़ वक्त लगता है लिहाजा गंभीर के नागपुर टेस्ट में खेलने की हमें पूरी उम्मीद है।
गंभीर को भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज के आईसीसी मैच रेफरी क्रिस ब्राड ने शेन वाटसन को कोहनी मारने के आरोप में खेल भावना के उल्लंघन का दोषी मानते हुये एक टेस्ट के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।
लेकिन भारत ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी।आईसीसी की आचार संहिता के मुताबिक अपील कमिश्नर के पास किसी भी सजा को बढ़ाने, कम करने, संशोधित करने अथवा पूरी तरह बदलने का अधिकार होता है। उसका फैसला बाध्यकारी भी होता है और उसके खिलाफ कहीं भी अपील नहीं की जा सकती है।
गंभीर ने यहां चल रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन बुधवार को मेहमान टीम के आलराउंडर वाटसन को उकसावे में आकर कोहनी मार दी थी। मैच रेफरी ने मामले की सुनवाई के बाद गंभीर पर एक टेस्ट के लिए पाबंदी लगा दी थी जबकि वाटसन को दस फीसदी मैच फीस का जुर्माना करके छोड दिया था।
आईसीसी के कार्यकारी बोर्ड ने हाल ही में आचार संहिता में संशोधन किया था जिसके तहत अपील नामंजूर किए जाने की स्थिति में संबंधित खिलाडी को सुनवाई का खर्च उठाना पड़ेगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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