मुंबई। स्पॉट फिक्सिंग में नाम आने के बाद गिरफ्तार किये गये विंदू दारा सिंह ने जमानत मिलने के बाद आज मीडिया को इंटरव्यू देते हुए कहा है कि 'इस पूरे प्रकरण के दौरान मीडिया ने गैर जिम्मेदारी दिखाई, जिसके कारण उनकी छवि खराब हुई हैं। विंदू ने कहा कि मैं स्पॉट फिक्सिंग में शामिल नहीं था, चेन्नई टीम के सीईओ गुरूनाथ मयप्पन मेरे दोस्त हैं, मैं उन्हें काफी पहले से जानता हूं। हम दोनों ने फिक्सिंग नहीं की लेकिन फिर भी हमें पुलिस रिमांड में लिया गया, लेकिन अब कोर्ट ने कह दिया है कि इस मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है। अब मैं इस विषय पर मीडिया को कोई इंटरव्यू नही दूंगा।'
विंदू ने स्पॉट फिक्सिंग से जरूर इनकार कर दिया, पर सट्टेबाजी के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। कहा कि मैं इस मामले पर कुछ भी नहीं बोलूंगा। विंदू ने बताया फिक्सिंग में मेरा नाम उन लोगों से जोड़ा गया जिनसे मैं कभी मिला तक नहीं। कई खिलाड़ी मेरे दोस्त हैं, जिनमें हरभजन सिंह, युवराज सिंह और एडम गिलक्रिस्ट हैं उन्होने कई और विदेशी खिलाडि़यों का भी नाम लिया। गुरूनाथ के बारे में विंदू ने बताया कि मैंने उससे चेन्नई के मैच के दौरान बात की क्योंकि मैं मैच के दौरान कई बार उससे डिस्कश करता था, मैंने उससे संपर्क रखा तभी मुझे ये सब झेलना पड़ा। विंदू ने कहा कि पुलिस को स्पॉट फिक्सिंग मामले में मेरी भूमिका होने पर शक था, जिसके कारण उन्होने मुझसे पूछताछ की लेकिन अब कोर्ट ने मुझे निर्दोष करार दे दिया है। पिछले 15, 20 दिनों में जो मेरे करियर और छवि को नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करना मुश्किल है।
उन्होने साक्षी के साथ अपने सम्बंधों के बारे में कहा कि मैं चेन्नई का मैच देखने गया था, साक्षी धोनी ने मुझसे खुद कहा था कि विंदू भइया मेरे साथ आकर बैठो। जबकि इस तरह की अफवाहें बकवास हैं कि उसका फिक्सिंग में कोई रोल है। सच तो यह है कि मैनें टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से कभी बात तक नहीं की, मेरे पास उसका नंबर तक नहीं हैं और वह खुद भी करोड़ो रूपये कमाता है, वह स्पॉट फिक्सिंग क्यों करेगा?
स्पॉट फिक्सिंग में विंदू की गिरफ्तारी के बाद आये बयानों के बाद ही गुरूनाथ मयप्पन को भी पुलिस ने पूछताछ में बुलाया। मीडिया चैनलों द्वारा आयी खबरों में यह भी कहा गया था कि विंदू ने पुलिस को बयान दिया है कि स्पॉट फिक्सिंग में दो सुपर स्टार भी शामिल हैं। इनमें से एक गुजरे जमाने का तो एक आज का सुपरस्टार है, लेकिन विंदु ने इन सारी बातों का खंडन किया है, और कहा कि क्रिकेट देखने के लिए मेरी मां भी मुझे मना करती थी लेकिन मैं कभी नहीं सुनता था पर अब मैं जिंदगी में कभी क्रिकेट नहीं देखूंगा। मैं जब पुलिस हिरासत में था, मैंने यही बात बुकियों से भी कही थी लेकिन वो नहीं माने, पर मैं जो कहता हूं मैं करता जरूर हूं।