मोदी ने कहा- कुश्ती को बचाना है तो अभी से लड़ों
अहमदाबाद। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ द्वारा कुश्ती को ओलंपिक खेलों से बाहर किये जाने के प्रस्ताव पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, कि यह खेल की तौहीन है। ऐसा खेल जो मानव सभ्यता का एक अंग है, उसे बाहर करना एक दु:खद बात है। इसका मतलब साफ है कि मॉडर्न जमाने में जी रहे लोगों के दिल में ऐसे खेलों की अब कोई जगह नहीं। उन्होंने दुनिया भर के पहलवानों का आह्वान करते हुए कहा कि अगर कुश्ती को बचाना है, तो अभी से लड़ें, सितंबर तक इंतजार न करें।
मोदी ने अपने ब्लॉग के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ से आग्रह किया कि वो अपने इस प्रस्ताव पर पुन: विचार करे। उन्होंने लिखा कि कुश्ती महाभारत के समय से चला आ रहा खेल है। उन्होंने सभी एशियाई देशों से आग्रह किया कि वो एक जुट होकर इस खेल को आईओसी के निर्णय का विरोध करें। ऐसा नहीं है कि सिर्फ पहलवान ही इस निर्णय का विरोध करें, बल्कि सभी खेल प्रेमियों को एक जुट होना होगा और हां इसके लिये सितंबर 2013 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं। अभी से ही आईओसी के खिलाफ कमर कसनी होगी।
आगे उन्होंने गुजरात खेल महाकुंभ की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनका राज्य खेलों को प्राथमिकता देने में हमेशा आगे रहेगा। इसीलिये राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि गुजरात में अब एक नहीं बल्कि साल में दो बार खेल महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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