चेन्नई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने अपनी और क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था की कमजोरी खुद बयां कर दी। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई सटोरियों के सामने अपाहिज है। हम इन सटोरियों को नहीं रोक सकते, रही बात क्रिकेटरों पर प्रतिबंध की, तो जांच पूरी होने के बाद ही किसी खिलाड़ी के खिलाफ कोई ऐक्शन लिया जायेगा।
श्रीनिवासन की इस बात से देश के क्रिकेटरों का मनोबल टूट गया, जिन्हें खिलाडि़यों पर प्रतिबंध लगाये जाने की उम्मीद थी। बीसीसीआई ने कहा कि बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट के अध्यक्ष रवि सवानी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जांच करेगी और उसके पूरे होने के बाद ही किसी बैन लगाने पर निर्णय लिया जायेगा। फिक्सिंग की आपात बैठक चेन्नई में हुई, लेकिन इसमें कोई भी कड़े कदम नहीं उठाये गये। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस और कोर्ट की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी। बीसीसीआई ने कहा कि अब उनकी एंटी करप्शन यूनिट के अधिकारी खिलाडि़यों पर मैदान पर नजर रखेंगे, साथ ही उनके एजेंट्स को मान्यता दी जायेगी।
उधर पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने बीसीसीआई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कम से कम तत्काल प्रभाव से तीनों क्रिकेटरों पर जांच पूरी होने तक के लिये बैन लगा दिया जाना चाहिये था। बीसीसीआई को यह जांच पूरी तरह पुलिस को सौंप देनी चाहिये थी, अगर बीसीसीआई का कोई अधिकारी जांच करेगा, तो उसमें पारदर्शिता नहीं होगी।