40 के हुए शतकवीर सचिन तेंदुलकर, दीजिये बधाईयां
बैंगलोर। भारतीय क्रिकेट का मुस्कुराता सितारा, जिसके आगे पूरी दुनिया सजदा करती है और भारतीय मीडिया उसे क्रिकेट का भगवान कहता है, आज 40 बरस का हो गया हैं। जी हां आज मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का आज जन्मदिन है। शतकवीर और शतकों के बादशाह सचिन ने अपनी उम्र को अपनी तपस्या और क्रिकेट के प्रतिअपनी दीवानगी के चलते पीछे छोड़ दिया है।
पिछले 22 साल से ज्यादा का समय क्रिकेट और भारत के नाम समर्पित करने वाला यह शख्स आज भी क्रिकेट के मैदान में उसी तरह बर्ताव करता है जिस तरह एक नौजवान पहली बार क्रिकेट के लिए टीम में चुना जाता है। छोटा कद, मधुर मुस्कान, सादगी पसंद और बच्चों जैसी आवाज के मालिक सचिन तेंदुलकर के बारे में किसी ने आज से बाईस साल पहले कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन यह देश और क्रिकेट का गौरव होगा।
धन्य है वो मां-बाप जिन्होंने क्रिकेट के बादशाह सचिन रमेश तेंदुलकर को जन्म दिया है। मात्र 16 साल की उम्र से भारत के लिए क्रिकेट खेलने वाले सचिन तेंदुलकर की क्रिकेट के किताब में शायद ही कोई ऐसा शॉट होगा, जो कि क्रिकेट की किताब में नहीं होगा, जिसके बदौलत सचिन रमेश तेंदुलकर की तुलना सर डॉन ब्रैडमैन से होती है।
भारतीय क्रिकेट के अनमोल रत्न सचिन तेंदुलकर को आप भी आज वनइंडिया के जरिये जन्मदिन की शुभकामनाएं दे सकते हैं। आईये आपको शतकवीर के बारे में कुछ रोचक बातें बताते हैं।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
सचिन रमेश तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल, 1973 को मुंबई में हुआ था। तेंदुलकर ने अपने पहले टेस्ट मैच में मात्र 15 रन बनाये थे। उनका विकेट महान तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने लिया था। दूसरी पारी में तेंदुलकर को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। वह मैच बराबरी पर छूटा था लेकिन तेंदुलकर अपने करियर के आगाज को लेकर खुश नहीं थे। इसी का नतीजा था कि फैसलाबाद में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में तेंदुलकर ने 59 रन बनाए। दूसरी पारी में वह आठ रन बना सके लेकिन वहां से उनके बल्ले और गेंदबाजों के बीच जो 'खेल' शुरू हुआ, वह आज तक जारी है।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
पाकिस्तान के खिलाफ जब सचिन पहला टेस्ट खेलने उतरे थे तो भारत की हालत काफी खराब थी। पाकिस्तान के स्टार गेंदबाद वसीम अकरम ने कहा था, वो सचिन की बैटिंग को देखकर हतप्रभ रह गये थे। उन्हें भरोसा नहीं था कि पतला-दुबला छोटा सा बच्चा उनके गेंद की धज्जियां उड़ा देगा। वकार ने कहा था, वो सचिन के आगे नतमस्तक हो गये थे।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
सचिन सर्वाधिक टेस्ट रन और शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं। वनडे और टेस्ट मिलाकर शतक का सौं का आकंड़ा पार करने वाले सचिन दुनिया के अकेल खिलाड़ी हैं। सचिन का यह महान करियर बेदाग है। सचिन की उपस्थिति में ही भारत साल 2011 में विश्वविजेता बना।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
तेंदुलकर ने टेस्ट तथा एकदिवसीय मैचों में 100 से अधिक कैच लिए हैं। तो वहीं गेंदबाज के तौर पर भी तेंदुलकर ने कई मौकों पर अपनी उपयोगिता साबित की है। तेंदुलकर ने मात्र एक ट्वेंटी-20 मैच खेला है, जिसमें उन्होंने 12 रन बनाए। ट्वेंटी-20 की सबसे लोकप्रिय प्रतियोगिता-इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान हैं।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
तेंदुलकर ने भारतीय खेल जगत में जो मुकाम हासिल किया है उसके चलते वह विज्ञापन बाजार के भी राजा हैं। जिसके कारण उन्हें भारत रत्न देने की मांग होने लगी है।स्वरकोकिला लता मंगेशकर को अपनी मां समान मानने वाले तेंदुलकर के लिए लता जी ने कहा है कि सचिन तो हर हिंदुस्तानी के जिगर का टुकड़ा और क्रिकेट जगत का 'अनमोल रत्न' हैं।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
निजी जिंदगी भी सचिन की काफी रोचक हैं। अपने जीवन की हर सफलता का श्रेय वह अपने बड़े भाई अजीत तेंदुलकर को देते हैं। सचिन ने कहा कि सचिन को सचिन बनाने वाले उनके भाई अजीत ही हैं। अजीत ने सचिन का जीवन संवारने के चलते आज तक शादी नहीं की।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
सचिन पुट्टापर्थी के साईं बाबा के बहुत बड़े पूजारी थे। उनकी बातों का उनपर बहुत ज्यादा असर रहता था जिसके कारण वो उनकी मृत्यु पर बिलख-बिलख कर रोये भी थे। कहा जाता है कि सचिन ने अपने घुंघराले बाल, साईं बाबा के ही कहने पर रखे थे।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
सचिन ने अपने से पांच साल बड़ी डा. अंजली से प्रेमविवाह किया था। सचिन को शादी से दो बच्चे हैं सारा और अर्जुन। सचिन और अंजली को मेड फॉर इच अदर कहा जाता है।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने पिछले साल 4 जून को कांग्रेस के टिकट पर राज्य सभा सांसद बन गये। सांसद बनने के बाद सचिन ने सरकारी बंग्ले में रहने से मना कर दिया था जो कि उनकी महानता का ही एक गुण हैं। सचिन ने कहा कि क्रिकेट मेरी पहली मोहब्बत है और हमेशा रहेगी।

जन्मदिन मुबारक हो सचिन तेंदुलकर
विश्व की प्रमुख पत्रिकाओं में से एक टाइम ने सचिन के लिए लिखा है कि सचिन महान थे, हैं और रहेंगे, सचिन तो वो नायाब हीरा है जिसके आगे वक्त भी नतमस्तक हो गया है। वक्त तो किसी के लिए नहीं रूकता है लेकिन सचिन तेंदुलकर ने वक्त को भी अपने हाथों में थाम कर रखा था। हमें चैम्पियन मिलेंगे, हमें महान खिलाड़ी मिलेंगे लेकिन हमें फिर कभी कोई दूसरा सचिन तेंडुलकर नहीं मिलेगा. वाकई में सचिन जैसा कोई नहीं है और ना ही कोई होगा।
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