कोलकाता। बीसीसीआई का फुल फॉर्म "बेशर्म क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड" की संज्ञा दी गई है, जिसके अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को अड़ियल करार दिया गया है, क्योंकि श्रीनिवासन ने प्रेसवार्ता में साफ कहा कि वो इस्तीफा नहीं देंगे। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि श्रीनिवासन इस समय फेवीकॉल लगाकर अपनी कुर्सी से चिपक गये हैं। रही बात दामाद के खिलाफ जांच की, तो उसके लिये आयोग का गठन किया जायेगा।
होटल ताज बंगाल में आयोजित प्रेसवार्ता में श्रीनिवासन ने अपने दामाद गुरुनाथ मयप्पन और स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त अन्य क्रिकेटरों के खिलाफ जांच करने के लिये आयोग की घोषणा की और कहा कि इस आयोग के गठन में उनकी कोई भूमिका नहीं होगी और न ही वो उसके सदस्य होंगे। आयोग में एक बाहरी सदस्य भी होगा, ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे।
श्रीनिवासन ने कहा कि प्रकृतिक न्याय की दृष्टि से बीसीसीआई तब तक सभी को निर्दोष मानता रहेगा, जबतक गुनाह साबित नहीं हो जाता। श्रीनिवासन ने कहा कि वो अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देंगे। अभी तक बीसीसीआई के किसी भी सदस्य ने मुझसे इस्तीफे की मांग नहीं की। यह बात उन्होंने बार-बार दोहरायी कि मैंने कुछ गलत नहीं किया तो इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता।
आईपीएल को खत्म करने के प्रश्न पर श्रीनिवासन ने कहा कि आईपीएल क्रिकेट के लिये बहुत अच्छा है। इससे अच्छा खासा धन पैदा होता है। 200 से ज्यादा पूर्व क्रिकेटरों को इससे लाभ पहुंचा है। वो भी 100 करोड़ रुपए से ज्यादा। नये स्टेडियम बने और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर आईपीएल की वजह से विकसित हुआ। श्रीनिवासन ने कहा कि मैं धन्यवाद देता हूं उन सभी ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर्स को विवादों से भरी खबरों के बाद भी हमारे साथ जुड़े हुए हैं।
शरद पवार की पार्टी एनसीपी द्वारा इस्तीफे की मांग पर श्रीनिवासन ने कहा कि एनसीपी बीसीसीआई की सदस्य नहीं है। श्रीनिवासन से सवाल किया गया कि आईपीएल फाइनल में चेन्नई को क्यों खेलने दिया जा रहा है? इस पर बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि फाइनल के सारे टिकट बिक चुके हैं। स्टेडियम में आने वाले लोग ही इसका जवाब हैं। रही बात जांच की तो बीसीसीआई के सदस्य अरुण जेटली, राजीव शुक्ल, रवि शास्त्री, संजय जगदाले और अजय शिरके में से कोई दो लोग उस आयोग में शामिल होंगे और बाकी के सदस्यों में से एक स्वतंत्र व्यक्ति होगा।