नई दिल्ली। आईपीएल के छठे संस्करण में खेल जगत को झकझोर देने वाली स्पॉट फिक्सिंग की घटना में एन श्रीनिवासन और चेन्नई सुपर किंग्स टीम के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। जिससे एन श्रीनिवासन का बीसीसीआई के अध्यक्ष पद पर वापसी तय मानी जा रही है। गौरतलब है कि मामले की जांच पूर्व न्यायाधीश टी जयराम चौटा और आर बालासुब्रहमन्यम का दो सदस्यीय पैनल कर रहा था
मामले की जांच में राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा, चेन्नई सुपर किंग्स टीम के सीईओ गुरूनाथ मयप्पन के खिलाफ भी कोई गड़बड़ी करने के सबूत नहीं मिले है। जांच में सामने आयी रिपोर्ट को आईपीएल संचालन परिषद को भेज दिया गया है। जिस पर दो अगस्त को दिल्ली में होने वाली बैठक में ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
मीडिया से बात करते हुए बीसीसीआई के उपाध्यक्ष निरंजन शाह ने मयप्पन को जांच आयोग द्वारा क्लीन चिट न दिये जाने के सवाल पर कुछ नहीं कहा। बताया जा रहा है कि मयप्पन के खिलाफ जांच आयोग को कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन वह फिक्सिंग में शामिल हो सकते हैं।
आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग मसला तब प्रकाश में आया जब राजस्थान रॉयल्स टीम के तीन खिलाडि़यों एस श्रीसंत, अंकित चौहान और अजित चंडीला को दिल्ली पुलिस ने फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि अब श्रीसंत को जमानत मिल चुकी है पर अजित चंदीला अब भी पुलिस हिरासत में है।