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फवाद ने लगाया था भारत पर आरोप
दरअसल, मामला यह है कि श्रीलंका क्रिकेट टीम के 10 खिलाड़ियों ने पाकिस्तान का दाैरा करने से साफ-साफ मना कर दिया है। श्रीलंका को पाकिस्तान में सितंबर-अक्तूबर के बीच 3 वनडे व इतने ही टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है लेकिन वहां आतंक के डर से कप्तान लसिथ मिलंगा व एंजेलो मैथ्यूज के अलावा 8 क्रिकेटरों ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया। इसके बाद फवाद ने ट्वीट करते हुए भारत पर आरोप लगाया कि, ''भारत ने श्रीलंकाई खिलाड़ियों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने पाकिस्तान दौरे से इनकार नहीं किया तो उन्हें IPL से बाहर कर दिया जाएगा। इसी कारण श्रीलंकाई खिलाड़ी पाकिस्तान में आकर खेलने से मुकर गए हैं।"
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श्रीलंका ने दिया करारा जवाब
फवाद के इस ट्वीट पर भारत ने गंभीरता नहीं दिखाई क्यों मालूम है कि वो सिर्फ बेमतलबी बातें करने में लगे हैं लेकिन पाकिस्तानी मंत्री को करारा जवाब देते हुए श्रीलंका के खेल मंत्री हरिन फर्नांडो ने ट्वीट करते हुए लिखा, ''इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि, भारत की वजह से श्रीलंका के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान में खेलने से इंकार किया है। उन्होंने आगे लिखा कि कुछ खिलाड़ियों ने 2009 में हुई घटना की वजह से जाने से इंकार किया है। हम खिलाड़ियों के इस फैसले का सम्मान करते हैं। इसके साथ ही हम ऐसे खिलाड़ियों की टीम चुनेंगे जो पाकिस्तान जाने को तैयार हो। हमारे पास फुल स्ट्रेंथ टीम है और हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान को पाकिस्तान में ही हराएंगे।"

2009 में हुआ था श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर हमला
बता दें कि साल 2009 में जब श्रीलंका की टीम पाकिस्तान दौरे पर थी, तब वहां उस पर आतंकवादी हमला हुआ था। बड़ी मुश्किल से श्रीलंकाई खिलाड़ी इस हमले में बचाए जा सके थे। आतंकियों की गोलीबारी में महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा को हल्की चोटें आईं थीं। साथ ही अजंता मेंडिस, समरवीरा और थरंगा परावितर्ना को बम फटने से निकलने वाले टुकड़ों से चोटें आईं थीं। तब से ही हर देश पाकिस्तान में क्रिकेट का दाैरा करने से मना करता आ रहा है।


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