
सुरेश रैना के क्रिकेटर बनने का सफर
सुरेश रैना जब 13 साल के थे तो वो एक क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने के लिए आगरा जा रहे थे। उन्हें अखबार बिछाकर सोना पड़ा था। थोड़ी देर बाद उन्होंने देखा कि एक लड़का उनकी छाती पर बैठाकर उनके चेहरे पर पेशाब कर रहा है। रैना ने अगला स्टेशन आते ही उसे धक्का देकर ट्रेन से नीचे तो कर दिया।

सुरेश रैना के क्रिकेटर बनने का सफर
रैना की क्रिकेट शैली की वजह से वो कोच के फेवरेट थे। जिसकी वजह से स्पोर्टस हॉस्टल के लड़के उनसे जलते थे और उन्हें वक्त-वक्त पर परेशान करते रहते थे। कोई उनकी दूध की बाल्टी में घास डाल देता था तो कोई सर्दियों में उन पर ठंडा पानी डाल देता।

सुरेश रैना के क्रिकेटर बनने का सफर
दोस्तों द्वारा परेशान किए जाने से रैना तंग हो जाते। कई बार तो उन्होंने हॉस्टल छोड़ने का मन बना लिया। वो इन सबसे इतने परेशान हो गए कि खुदकुशी का ख्याल आने लगा।

सुरेश रैना के क्रिकेटर बनने का सफर
हॉस्टल के लड़के उन्हें इतना तंग करते कि उन्होंने एक बार रैना और उनके दोस्तों की हॉकी से पिटाई कर दी। इस घटना से उनका एक दोस्त कोमा में चला गया तो दूसरे दोस्त ने डरकर छत से छलांग लगाने की कोशिश की।

सुरेश रैना के क्रिकेटर बनने का सफर
रैना ने बताया कि उन्होंने गरीबी के दिन देखे हैं जब उनके घर पर 200 रुपये का मनी ऑर्डर आता था। उन्होंने बताया कि गांव में खेलते वक्त उन्हें 4-5 छक्के मारने के लिए 200 रु. मिलते थे।

सुरेश रैना के क्रिकेटर बनने का सफर
साल 1999 में रैना को एयर इंडिया की तरफ खेलने का मौका मिला। साल 2003 में उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट क्लब की तरफ से खेला। साल 2005 उन्हें टीम इंडिया के लिए चुना गया। आज वो टीम इंडिया के लिए स्टार क्रिकेटर बन चुके हैं।


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