नई दिल्ली। भारत में कालाधन को लेकर काफी चर्चा हुई है, चुनावी मौसम में यह मुद्दा सबसे अधिक चर्चा में रहा, भाजपा के कई नेताओं ने स्विस बैंक में जमा पैसों को लेकर कई बयान दिए। लेकिन स्विट्जरलैंड के प्राइवेट बैंकर्स के ग्रुप ने जो आंकड़ा सामने रखा है वह कुछ और ही कहानी बयां कर दिया है। प्राइवेट बैंकर्स के ग्रुप ने दावा किया है कि स्विस बैंक में भारतीयों का पैसा सिंगापुर और हॉगकॉग जैसे देशों के लोगों से भी कम है।
प्राइवेट बैकर्स के ग्रुप का कहना है कि हॉगकॉग और सिंगापुर के फाइनेंशल हब का पैसा काफी ज्यादा है। स्विस बैंकों में भारतीयों का सिर्फ 1.2 बिलियन फ्रैंक यानिक 8392 करोड़ रुपए है। हालांकि यहां गौर करने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा वर्ष 2015 के आखिर का है। गौरतलब है कि हाल ही में स्विट्जरलैड ने कर की जानकारी ऑटोमैटिक एक्सचेंज के जरिए साझा करने की बात कही है।
ऑटोमैटिक एक्सचेंज के तहत लोगों के खातों की जानकारी को साझा करने पर इसे गोपनीय रखना होगा, लेकिन जेनेवा स्थित स्विस प्राइवेट बैंक के ग्रुप का कहना है कि इस नियम को लेकर भारत से किसी भी तरह की समस्या नहीं है क्योंकि यहां कानून का पालन किया जा रहा है। इस ग्रुप के मैनेजर जैन लैंग्लो ने बताया कि भारत के कुछ नागरिकों का भी पैसा स्विस बैंकों में है जो कि हॉगकॉग और सिंगापुर की तुलना में काफी कम है। गौरतलब है कि मौजूदा समय में इस ग्रुप में कुल नौ सदस्य हैं और कुल 7500 कर्मचारी हैं।