एंड्रयू साइमंड्स को मिली सज़ा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स को टीम प्रबंधन ने तगड़ा झटका दिया है. अनुशासनहीनता के कारण उन्हें बांग्लादेश दौरे से वापस भेज दिया गया है.
टीम प्रबंधन की इस कड़ी कार्रवाई से साइमंड्स के क्रिकेट करियर पर भी सवाल उठने लगे हैं. होना तो ये चाहिए था कि शनिवार को बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पहले वनडे मैच का वो हिस्सा होते, लेकिन हुआ ये कि उन्हें वापस ऑस्ट्रेलिया लौटना पड़ा.
दरअसल शुक्रवार को टीम की अहम मीटिंग से साइमंड्स की ग़ैरमौजूदगी टीम प्रबंधन का नागवार गुज़री और उन्हें स्वदेश वापसी का टिकट थमा दिया गया.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के मुताबिक़ टीम की अहम मीटिंग में शामिल होने की बजाए एंड्रयू साइमंड्स ने मछली पकड़ने चले गए. उसके बाद ट्रेनिंग में भी वे नहीं शामिल हुए.
रिकी पोंटिंग की ग़ैर मौजूदगी में टीम की कप्तानी कर रहे माइकल क्लार्क ने उम्मीद जताई है कि साइमंड्स की टीम में वापसी होगी लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ऐसा सिर्फ़ उसी समय हो सकता है जब वे टीम के नियमों का पालन करें.
करियर पर सवाल
माइकल क्लार्क ने कहा, "इस टीम के लिए खेलना कितना कठिन है. मेरे विचार से हम दुनिया की सबसे महान टीम हैं. हमारे कुछ मानदंड हैं. हो सकता है कि ये अन्य टीमों के मुक़ाबले कुछ ऊँचे हों. लेकिन अगर आप इसे पूरा नहीं करेंगे तो दुर्भाग्य से आप इस टीम का हिस्सा नहीं हो सकते."
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के एक वरिष्ठ अधिकारी (ऑपरेशंस) माइकल ब्राउन ने तो यहाँ तक कह दिया है कि अगर साइमंड्स ने फिर ऐसा किया तो उनका अनुबंध ही ख़त्म कर दिया जाएगा.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि एंड्रयू साइमंड्स पर अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई हुई है. वर्ष 2005 में भी उन्हें टीम प्रबंधन ने उन पर दो मैचों की पाबंदी लगाई थी. क्योंकि एक मैच से पहले वे देर रात तक शराब पी रहे थे.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश से एक वनडे मैच हार गया था. इसी साल जून में वेस्टइंडीज़ दौरे पर गए साइमंड्स ने एक बार टीम की बस भी छोड़ दी थी.
साइमंड्स और हरभजन सिंह का विवाद तो काफ़ी सुर्ख़ियाँ बटोर चुका ही है. साइमंड्स ने हरभजन सिंह पर नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप लगाया था, जिसे लेकर विवाद काफ़ी बढ़ा था.
टीम प्रबंधन की इस कड़ी कार्रवाई से साइमंड्स के क्रिकेट करियर पर भी सवाल उठने लगे हैं. होना तो ये चाहिए था कि शनिवार को बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पहले वनडे मैच का वो हिस्सा होते, लेकिन हुआ ये कि उन्हें वापस ऑस्ट्रेलिया लौटना पड़ा.
दरअसल शुक्रवार को टीम की अहम मीटिंग से साइमंड्स की ग़ैरमौजूदगी टीम प्रबंधन का नागवार गुज़री और उन्हें स्वदेश वापसी का टिकट थमा दिया गया.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के मुताबिक़ टीम की अहम मीटिंग में शामिल होने की बजाए एंड्रयू साइमंड्स ने मछली पकड़ने चले गए. उसके बाद ट्रेनिंग में भी वे नहीं शामिल हुए.
रिकी पोंटिंग की ग़ैर मौजूदगी में टीम की कप्तानी कर रहे माइकल क्लार्क ने उम्मीद जताई है कि साइमंड्स की टीम में वापसी होगी लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ऐसा सिर्फ़ उसी समय हो सकता है जब वे टीम के नियमों का पालन करें.
करियर पर सवाल
माइकल क्लार्क ने कहा, "इस टीम के लिए खेलना कितना कठिन है. मेरे विचार से हम दुनिया की सबसे महान टीम हैं. हमारे कुछ मानदंड हैं. हो सकता है कि ये अन्य टीमों के मुक़ाबले कुछ ऊँचे हों. लेकिन अगर आप इसे पूरा नहीं करेंगे तो दुर्भाग्य से आप इस टीम का हिस्सा नहीं हो सकते."
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि एंड्रयू साइमंड्स पर अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई हुई है. वर्ष 2005 में भी उन्हें टीम प्रबंधन ने उन पर दो मैचों की पाबंदी लगाई थी. क्योंकि एक मैच से पहले वे देर रात तक शराब पी रहे थे.
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश से एक वनडे मैच हार गया था. इसी साल जून में वेस्टइंडीज़ दौरे पर गए साइमंड्स ने एक बार टीम की बस भी छोड़ दी थी.
साइमंड्स और हरभजन सिंह का विवाद तो काफ़ी सुर्ख़ियाँ बटोर चुका ही है. साइमंड्स ने हरभजन सिंह पर नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप लगाया था, जिसे लेकर विवाद काफ़ी बढ़ा था.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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