नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) हालांकि भारत-बांग्लादेश के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है आईसीसी क्रिकेट विश्वकप का, पर जरा देखिए कि आज सुबह मैच शुरू होने से पहले दोनों देशों के खिलाड़ियों ने एक ही कवि द्वारा लिखे राष्ट्रगीतों को पढ़ा। दोनों देशों के राष्ट्रगीत लिखे थे गुरु रबिन्द्रनाथ टेगौर ने।
बांग्लादेश की टीम ने अमर सोनार बांग्ला गीत को गाया। इसका अर्थ है मेरा सोने के समान बंगाल। इसे गुरुदेव ने साल 1905 में लिखा था। बंगाल के पहले बंटवारे के समय इसे लिखा गया था। तब बिहार भी बंगाल का भाग था। उसके बाद बंगाल 1947 में बंटा और कहलाया ईस्ट पाकिस्तान। 1971 में ईस्ट पाकिस्तान बना बांग्लादेश। भारतीय खिलाड़ियों ने गाया अपना राष्ट्र गान। उसे भी रविन्द्रनाथ टेगौर ने लिखा था।
सांस्कृतिक संबंध
बांग्ला के कवि अजित कुमार नंदी ने कहा कि भले ही बांग्लादेश अलग देश हो पर भारत के पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच गहरा सांस्कृतिक और भाषा के स्तर पर संबंध है। आखिर 70 साल से भी कम समय पहले बांग्लादेश भारत ही था। किसी को बताने की जरूरत नहीं हैं कि बांग्लादेश में रबिन्द्रनाथ टेगौर बेहद पूज्नीय व्यक्ति माने जाते हैं। उनकी कहानियां और कविताएं हर स्तर पर पढ़ी-पढ़ाई जाती हैं।