नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों के चयनित होने से पहले यो-यो टेस्ट पास करना बेहद जरूरी हो गया है। अभी हाल ही में आईपीएल के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा आगामी मुकाबलों के लिए हो गई थी लेकिन यो यो टेस्ट में फेल होने के कारण कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल नहीं किया गया। वहीं बसीसीआई ने भी साफ कर दिया है कि अब यो यो टेस्ट में पास होने के बाद ही किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जाएगा। गौरतलब हो कि इस टेस्ट को लेकर फैंस के साथ-साथ खिलाड़ियों के भी दो मत रहे हैं। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम प्रबंधन ने भारतीय टीम के लिए जो मानक यो-यो टेस्ट में तय किए हैं, वह दुनिया की अन्य टॉप टीमों के मुकाबले सबसे कम हैं। वहीं इस मामले में भारत का जो मानक है वो पाकिस्तान से भी कम है।
बाकी देशों के मुकाबले बहुत कम हैं भारत के मानकः इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और 5 बार की वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन टीम ऑस्ट्रेलिया ने 19 मार्क्स तय किए हैं। वहीं, साउथ अफ्रीका के लिए यह 18.5 है जबकि श्री लंका के लिए 17.4 है। पाकिस्तान के लिए भी यह 17.4 है। बता दें कि टीम इंडिया के लिए यह 16.1 तय किया गया है। कभी-कभी इसे बढ़ाकर 16.3 भी किया जाता है। गौरतलब हो कि इन देशों के मुकाबले भारत का मानक बेहद कम है। बता दें कि संजू सैमसन, मोहम्मद शमी और रायडू को इस टेस्ट में फेल होने के कारण फेल होना पड़ा था। वहीं रोहित ने भी बस इस मानक की बराबरी ही की थी। इसी बीच भारत की टीम इंग्लैंड के लिए रवाना हो गई है।