कोटला वनडे: टॉस जीतने के बाद क्यों हारी धोनी की सेना, कौन बना खलनायक?
नई दिल्ली। फिरोजशाह कोटला के मैदान पर गुरूवार को जिस तरह से टीम इंडिया हारी, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। हालांकि क्रिकेट एक खेल है जिसमें हार-जीत लगी रहती है लेकिन अगर इंसान बार-बार गलतियां करे तो जाहिर है उसकी चर्चा होगी ही। कप्तान धोनी की सेना के साथ भी यही हुआ और हम जीतते-जीतते हार गए।
मालूम हो कि न्यूजीलैंड ने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच में गुरुवार को मेजबान भारत को रोमांचक मुकाबले में छह रनों से हराया। किवी कप्तान केन विलियमसन को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
आईये तस्वीरों के जरिए मिलते हैं कोटला वनडे केे खलनायकों से, जिनके चलते 11 साल बाद कोटला में हारा भारत...

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी
अपनी खास रणनीति के लिए मशहूर कप्तान धोनी का सारा गणित उस समय फेल हो गया जिस समय उन्होंने टॉस जीतने के बाद बॉलिंग का फैसला लिया। इस बात को उन्होंने खुद माना। उसके बाद उन्होंने दूसरी गलती तब की जब उन्होंने केन विलियमसन कैच (59) छोड़ा, जिन्होंने बाद में शतक जड़ा और अपनी टीम को विजय दिलाई। बैटिंग में भी माही को जमकर खेलना था क्योंकि जब तक वो क्रिज पर थे तो इंडिया जीत के करीब थी लेकिन उन्होंने बहुत स्लो बैटिंग की इसलिए इस हार के सबसे बड़े विलेन कप्तान साहब ही हैं।

रोहित शर्मा
टीम इंडिया के ओपनर रोहित शर्मा से लोग बड़े स्कोर की उम्मीद किए बैठे थे, जनाब वनडे और टी 20 विशेषज्ञ कहे जाते हैं। अगर टीम को अच्छी ओपनिंग मिलती तो भारत जीत सकता था लेकिन रोहित सस्ते में और बचकाने ढंग से गायब हुए और हार के विलेन साबित हुए।

विराट कोहली
मैच दिल्ली के फिरोज शाह कोटला में हो और स्टार क्रिकेटर विराट कोहली सैकड़ा ना जमाए, ऐसा कोई कैसे सोच सकता है लेकिन गुरूवार के मैच के बाद अब लोग कोहली के बारे में ये सोचेंगे। कोहली ने बेहद ही घटिया शॉट पर अपना विकेट गंवाया, जबकि उन्हें पता है कि उनके आउट होने से टीम इंडिया प्रेशर में आ जाती है और वो ही हुआ। बाद के विकेेट प्रेशर के चलते ही गिरे और हार का सबब बने।

मनीष पांडेय
लंबे अरसे के बाद मनीष पांडेय को टीम में एंट्री मिली है, उनके पास पूरा मौका था कल हीरो बनने का लेकिन उन्होंने धैर्य से काम नहीं लिया और पवेलियन लौट गए। इसलिए वो है हार के खलनायक नंबर 4।

हार्दिक पांड्या
धर्मशाला के हीरो हार्दिक पांड्या को लोग आलराउंडर के रूप में देखते हैं और वो रूप दिखा भी लेकिन उनके पास धैर्य की कमी है। अगर उन्होंने नायक बनने के चक्कर में छक्का मारने की कोशिश नहीं की होती तो इंडिया 6 रनों से नहीं हारती और वो ही मैच के असली हीरो बनते लेकिन अब वो बने खलनायक नंबर 5।
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