वाराणसी, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक संघ को भंग करने के फैसले से हाकी के पूर्व खिलाड़ियों में एक नई उम्मीद जगी है। हाकी के पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद ने इस फैसले का स्वागत किया है। मोहम्मद शाहिद का मानना है कि हाल के दिनों में जिस तरह से भारत हाकी में पिछड़ा है, उसके लिए निश्चित तौर पर हाकी संघ और उसके अध्यक्ष के. पी. एस. गिल जिम्मेदार हैं।
यहीं नहीं हाल के दिनों में एक निजी टीवी चैनल पर संघ के महासचिव ज्योति कुमारन पैसे लेते हुए दिखाए गए। उससे साफ होता है कि टीम सलेक्शन में लंबे समय से धांधली हो रही थी और इसके लिए भी गिल की जिम्मेदारी बनती है।
उनका कहना है कि "भारत आठ बार ओलंपिक चैम्पियन रह चुका है, लेकिन जब से गिल अध्यक्ष बने हैं तभी से भारत हाकी में लगातार पिछड़ता चला गया। ऐसे में उन्हें पहले ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन गिल ने ऐसा नहीं किया। ऐसे में मजबूरन ओलंपिक संघ को यह कदम उठाना पड़ा।"
मोहम्मद शाहिद ने नई कमेटी के गठन का भी स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि "नई कमेटी आई है तो ये उम्मीद है कि वह बेहतर काम करेगी और हाकी का भला होगा।" लेकिन मोहम्मद शाहिद यह नहीं मानते कि जल्दी ही भारत में हाकी की तस्वीर बदलेगी। उनके मुताबिक हाकी में भारत इतना नीचे चला गया है कि उसे ऊपर उठाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी।
शाहिद कहते हैं कि "नई कमेटी के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है कि वह कमेटी उस छड़ी को घुमा देगी और कायाकल्प हो जाएगा।" मोहम्मद शाहिद के मुताबिक हाकी खिलाड़ियों की एक नई पौध तैयार करनी पड़ेगी जो विश्व स्तर की मजबूत टीमों से टक्कर ले सके, क्योंकि इस समय भारत में हाकी के अच्छे खिलाड़ियों की बेहद कमी है और बीते सालों में जिस तरह हाकी के साथ बुरा बर्ताव हुआ है, उससे खिलाड़ियों का मनोबल भी गिरा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।