डानी की चुनौती पर कितनी खरी उतरेंगी पूनिया (अंतिम पैरा में संशोधन के साथ)
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। हाल ही में समाप्त 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की महिलाओं की डिस्क्स थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की कृष्णा पूनिया को मौजूदा विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया की डानी सैमुएल्स से खुली चुनौती मिली है। देखना यह है कि पूनिया इस चुनौती पर कितनी खरी उतरती हैं।
पूनिया ने 61.51 मीटर चक्का फेंककर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीता है। इस स्पर्धा में डानी ने हिस्सा नहीं लिया क्योंकि वह व्यक्तिगत और सुरक्षा कारणों से भारत नहीं आई थीं। भारत ने हालांकि इस स्पर्धा के तीनों पदक अपने नाम किए।
यह पहला मौका था जब भारतीय महिलाओं ने किसी एक स्पर्धा के तीनों पदक अपने नाम किए हों। साथ ही यह किसी भारतीय महिला द्वारा एथलेटिक्स स्पर्धा में स्वर्ण जीतने का भी पहला मौका था। इससे पहले 1958 में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण जीता था।
पूनिया स्वर्ण जीतकर राष्ट्र का गौरव बन गईं लेकिन डानी की चुनौती उनकी लिए काफी कठिन साबित हो सकती है क्योंकि खुद पूनिया राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं। उनका व्यक्तिगत रिकार्ड 63.48 मीटर का रहा है लेकिन दिल्ली में 50 हजार लोगों की मौजूदगी के बावजूद वह 61.51 मीटर ही चक्का फेंक सकीं।
पूनिया ने 61.53 मीटर के साथ 2006 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। दूसरी ओर, डानी का व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 65.84 मीटर रहा है, जो पूनिया के 63.48 मीटर से कहीं बेहतर है। डानी ने 65.44 मीटर के साथ बीते वर्ष बर्लिन में आयोजित विश्व चैम्पियनशिप में पहला स्थान हासिल किया था।
वर्ष 2008 के बीजिंग ओलम्पिक में डानी निराशाजनक तौर पर नौवें स्थान पर रहीं थीं लेकिन पूनिया फाइनल के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर सकी थीं। पूनिया ने क्वालीफाईंग में 58.23 मीटर चक्का फेंका था और 10वें स्थान पर रही थीं। इस लिहाज से पूनिया के लिए डानी की चुनौती स्वीकार कर पाना और उस पर खरा उतरना दो अलग-अलग बातें लग रही हैं।
पूनिया और डानी को फिलहाल एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा में न पड़कर अपना प्रदर्शन सुधारने पर ध्यान लगाना चाहिए क्योंकि महिला डिस्क्स थ्रो की दुनिया में उनका रिकार्ड दिग्गजों के रिकार्ड के आगे कहीं नहीं ठहरता। इस स्पर्धा का विश्व रिकार्ड पूर्वी जर्मनी की गेब्रिएल रेनसेक के नाम है, जिन्होंने 76.80 मीटर चक्का फेंका था।
विश्व रिकार्ड और इस स्पर्धा के ओलम्पिक रिकार्ड में काफी अंतर है। इस स्पर्धा का ओलम्पिक रिकार्ड भी पूर्वी जर्मनी की मार्टिना हेलीमैन के नाम है, जिन्होंने 72.30 मीटर चक्का फेंका था। इस स्पर्धा का एशियाई रिकार्ड भारत की नीलम जसवंत सिंह के नाम है। नीलम ने 64.55 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया था।
डिस्क्स थ्रो ट्रैक एवं फील्ड की एकमात्र ऐसी स्पर्धा है, जिसमें महिलाओं का विश्व और ओलम्पिक रिकार्ड पुरुषों की तुला में बेहतर है। महिला विश्व रिकार्ड जहां 76.80 मीटर है वहीं पुरुष विश्व रिकार्ड 74.08 मीटर का रहा है। इसी तरह महिला ओलम्पिक रिकर्ाड्र 72.30 मीटर का है जबकि पुरुषों का रिकार्ड 69.89 मीटर का रहा है।
जहां तक राष्ट्रमंडल खेलों की बात है तो डानी अब तक इन खेलों का रिकार्ड भी अपने नाम नहीं कर सकी हैं। 21 वर्षीया डानी ने अब तक सिर्फ एक राष्ट्रमंडल खेल में हिस्सा ले सकी हैं। 2006 में मेलबर्न में उन्होंने 17 साल की उम्र में कांस्य पदक जीता था। राष्ट्रमंडल खेलो में इस स्पर्धा का रिकार्ड न्यूजीलैंड की बेट्राइस फाउमुनिया के नाम है, जिन्होंने 65.92 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया था। यह रिकार्ड डानी और पूनिया के व्यक्तिगत रिकार्डो से काफी बेहतर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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