प्रतियोगिताओं से निलंबन से बचा पोलैंड
फ़ुटबॉल संघ से जुड़ा विवाद हल होने के बाद पोलैंड प्रतियोगिताओं से निलंबित होने और अगले यूरो मुक़ाबले का सह आयोजन छीने जाने से बच गया है.
दरअसल पोलैंड सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पोलैंड के फ़ुटबॉल संघ को निलंबित करके उसकी जगह एक प्रशासक नियुक्त कर दिया था.
मगर फ़ुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय संस्था फ़ीफ़ा ने उस प्रशासक को मान्यता देने से इनकार कर दिया.
फ़ीफ़ा ने पोलैंड सरकार से सोमवार दोपहर तक संघ को फिर स्थापित करने की माँग की थी.
उसका कहना था कि सरकार अगर ऐसा नहीं करती है तो पोलैंड को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से निलंबित कर दिया जाएगा.
मगर ख़बरों के अनुसार पोलैंड की सरकार और फ़ुटबॉल संघ के बीच एक समझौता हो गया है.
समझौते का ब्यौरा अभी नहीं मिला है मगर फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर का कहना था, "हमें पत्र और कुछ दस्तावेज़ मिले हैं जो बताते हैं कि सरकार और फ़ुटबॉल संघ के बीच समझौता हो गया है."
इसके बाद ब्लैटर का कहना था कि अगर मंगलवार से समझौता लागू हो जाता है तब पोलैंड के विरुद्ध कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा.
इससे पहले यूरो फ़ुटबॉल आयोजित करने वाले यूईएफ़ए ने भी धमकी दी थी कि अगर संघ को फिर से स्थापित नहीं किया गया तो उससे 2012 के यूरो खेलों का आयोजन वापस ले लिया जाएगा.
पोलैंड और यूक्रेन मिलकर अगले यूरो मुक़ाबलों का आयोजन कर रहे हैं.
फ़ीफ़ा का मानना है कि देशों को फ़ुटबॉल संघों के काम में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.
दरअसल पोलैंड सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पोलैंड के फ़ुटबॉल संघ को निलंबित करके उसकी जगह एक प्रशासक नियुक्त कर दिया था.
मगर फ़ुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय संस्था फ़ीफ़ा ने उस प्रशासक को मान्यता देने से इनकार कर दिया.
फ़ीफ़ा ने पोलैंड सरकार से सोमवार दोपहर तक संघ को फिर स्थापित करने की माँग की थी.
उसका कहना था कि सरकार अगर ऐसा नहीं करती है तो पोलैंड को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से निलंबित कर दिया जाएगा.
मगर ख़बरों के अनुसार पोलैंड की सरकार और फ़ुटबॉल संघ के बीच एक समझौता हो गया है.
समझौते का ब्यौरा अभी नहीं मिला है मगर फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर का कहना था, "हमें पत्र और कुछ दस्तावेज़ मिले हैं जो बताते हैं कि सरकार और फ़ुटबॉल संघ के बीच समझौता हो गया है."
इसके बाद ब्लैटर का कहना था कि अगर मंगलवार से समझौता लागू हो जाता है तब पोलैंड के विरुद्ध कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा.
इससे पहले यूरो फ़ुटबॉल आयोजित करने वाले यूईएफ़ए ने भी धमकी दी थी कि अगर संघ को फिर से स्थापित नहीं किया गया तो उससे 2012 के यूरो खेलों का आयोजन वापस ले लिया जाएगा.
पोलैंड और यूक्रेन मिलकर अगले यूरो मुक़ाबलों का आयोजन कर रहे हैं.
फ़ीफ़ा का मानना है कि देशों को फ़ुटबॉल संघों के काम में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:12 [IST]
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