नई दिल्ली। टीम इंडिया के नये कोच अनिल कुंबले ने टेस्ट क्रिकेट के महत्व पर एक बार फिर से जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस तरह का खेल खेलेगी की एक बार फिर से टेस्ट मैचों में लोगों की भीड़ जमा होनी शुरु होगी। टी-20 क्रिकेट के उद्भव के साथ ही टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर सवाल उठने लगे थे।
वेस्टइंडीज दौरे पर सिर्फ 4 अनुभवी खिलाड़ी, ईशांत पर होगी गेंदबाजी की जिम्मेदारी
जिस तरह से टेस्ट मैचों में लोगों की भीड़ स्टेडियम नहीं पहुंच रही थी उसने चिंता को बढ़ा दिया था। लेकिन अनिल कुंबले टेस्ट क्रिकेट के बने रहने को लेकर आशावादी हैं। कुंबले ने कहा कि बीसीसीआई और भारतीय खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को लेकर काफी गंभीर हैं। भारत अगले 12 महीनों में 17 टेस्ट मैच खेलेगी। जिनमें से 13 मैच भारत में खेले जायेंगे।
न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, बांग्लादेश औऱ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर भारत टेस्ट मैच खेलने के लिए जाएगी। कुंबले ने कहा कि मुझसे टेस्ट क्रिकेट की चिंताओं के बारे में पूछा गया था। कुंबले ने कहा कि आईसीसी की उस सुझाव दल में मैं भी शामिल था। कुंबले ने कहा कि इस वक्त मैं उस मुद्दे पर नहीं बोलना चाहता हूं।
अनिल कुंबले बोले हितों के टकराव का सवाल ही नहीं उठता
टेस्ट क्रिकेट की समस्याओं से मैं वाकिफ हूं और इसके लिए जो प्रस्ताव दिये गये हैं वो मुझे पता हैं। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को पॉपुलर बनाने के लिए जो भी हो सकता हैं मैं करुंगा। भारत के 17 टेस्ट मैच खेलने को लेकर कुंबले ने कहा कि हम इतने टेस्ट खेलने जा रहे हैं जो इस बात को दर्शाता है कि टेस्ट क्रिकेट की क्या महत्ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी निश्चित तौर पर ऐसे खेल का मुजायरा करेंगे जिससे की अधिक से अधिक लोग मैदान में पहुंचे।