जब विराट के कारण रो पड़े तेंदुलकर कहा चले जाओ यहां से..
नई दिल्ली। आज क्रिकेट जगत में विराट कोहली की तुलना सचिन तेंदुलकर से होने लगी हैं, दिग्गजों का कहना है कि जिस तरह से विराट खेल रहे हैं अगर खेलते रहे तो वो तेंदुलकर के शतकों के रिकार्ड को आसानी से तोड़ देंगे लेकिन क्रिकेट के मैदान से दूर कोहली और सचिन का एक बड़ा ही खूबसूरत रिश्ता है जिसमें सिर्फ एक-दूसरे के लिए मोहब्बत है, इज्जत है और समर्पण है।
जानिए सचिन को किससे है नफरत और कब आता है गुस्सा?
सचिन ने अपनी जीवनी 'प्लेइंग इट माइवे' में लिखा है कि जिस दिन मैंने वानखेड़े स्टेडियम में इंटरनेशनल मैच से अलविदा कहा वो दिन मेरे लिए काफी इमोशन भरा था, मैं आखिरी बार ड्रेसिंग रूम में बैठा अपने बारे में सोच रहा था कि तभी मेरे पास विराट आया, जिसकी आंखें आंसुओं से भरी हुई थीं। मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने अपनी मुठ्ठी मेरे सामने कर दी और खोल कर एक धागा (रक्षा सूत्र) दिखाया।
किस मामले में तेंदुलकर-अमिताभ से आगे निकले कोहली?
जिसके बारे में उसने कहा कि ये मेरे पापा ने मुझे दिया था, जिसे मैं सोच रहा था कि ये मैं उसे दूंगा जो कि वाकई में काफी स्पेशल होगा इसलिए ये मैं आपको देने आया हूं और इसके बाद उसने मुझे वो धागा दे दिया और मेरे पैर छू लिये। सचिन ने कहा कि मैं उसे देखकर हैरान रह गया, मैंने उसे कहा कि अरे ये तू क्या कर रहा है भाई, तेरी जगह यहां नहीं यहां है और मैंने उसे गला लगा लिया और कहा कि तू तो मेरा छोटा भाई है, यूं ही खेलेते हुए आगे बढ़।
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और उसके बाद मैं उससे कुछ कह नहीं पाया क्योंकि मेरा गला भर चुका था और विराट की आंखें भी छलछला चुकी थीं। मैंने उसे आने वाले भविष्य की शुभकामनाएं दी और कहा कि अब तुम यहां ( ड्रेसिंग रूम) से जाओ क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरा छोटा भाई विराट मुझे रोते हुए देखे। सचिन ने किताब में लिखा है कि वो लम्हा मेरे लिए अनमोल था जिसे मैं शायद कभी नहीं भूल सकता।
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