
पिता की मौत के ठीक बाद लौटना पड़ा:
ऋषभ पंत ने इतनी आसानी से यह मुकाम हासिल नहीं किया है। उन्होंने जुनून और मेहनत से यह मुकाम कमाया है। 2017 में आईपीएल के दौरान ऋषभ पंत ने अपने पिता को गंवा दिया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वह अंतिम संस्कार के कुछ घंटों बाद ही वापस टीम में लौट आए थे। इस दौरान उन्होंने 36 गेंदों पर 57 रन बनाए थे। 20 साल के लड़के ने अपने 55 वर्षीय पिता को खो दिया लेकिन पिता की यादों के सहारे इस युवा ने सफलता की नई इबारत लिख दी।

पंत का रिकॉर्डधारी शतक:
ऋषभ पंत ने सिडनी में दूसरे दिन चाय के बाद शतक लगाकर यह बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। पंत से पहले कोई भी भारतीय विकेटकीपर सिडनी में शतक नहीं जड़ सका था। जबकि अगर भारतीय विकेटकीपरों की बात करे तो उन्होंने एशिया के बाहर हुए टेस्ट मैचों में ज्यादा शतक नहीं बनाए हैं। भारतीय विकेटकीपरों द्वारा एशिया के बाहर शतक बनाने की शुरूआत वी मांजरेकर ने 1959 में वेस्टइंडीज के खिलाफ की थी। उसके लंबे गैप के बाद अजय रत्रा ने 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक बनाया।

माइकल क्लार्क ने भी तारीफ:
ऋषभ पंत की तारीफ में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी माइकल क्लार्क ने तारीफ के कसीदे पढ़े। उन्होंने कहा कि ‘भारत को धोनी की तरह ऐसा विकेटकीपर मिल गया है, जिसकी पहली प्राथमिकता विकेटकीपर है, लेकिन वह बैटिंग पर भी ध्यान देता है। ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट भी ऐसे खिलाड़ी थे।


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