
बोर्ड का अंदरूनी मामला
चौधरी ने एक इंटरव्यू में इस मसले पर जवाब दिया। कहा, "यह बोर्ड का अंदरूनी मामला है। इस मामले में शाकिब पर कोई कानूनी कार्रवाई करने का विचार नहीं है। लेकिन, उन्हें यह साफ करना होगा कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए उन्होंने निजी कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बनना क्यों स्वीकार किया।" कुछ दिन पहले बीसीबी अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि सीनियर प्लेयर्स सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट को दरकिनार करते हुए बोर्ड को वित्तीय नुकसान पहुंचा रहे हैं।

क्या है मामला
दरअसल, शाकिब ने बोर्ड के खिलाफ उतरकर कुछ नियमों का उल्लंघन किया है। शाकिब को बांग्लादेश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी ‘ग्रामीणफोन' ने अपना ब्रांड दूत नियुक्त किया है जो कि टीम के प्रायोजक ‘रोबी' का प्रतिस्पर्धी है। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के अनुसार यह उल्लंघन है और बीसीबी अध्यक्ष नजमुल हसन ने देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दे डाली थी।

अब आ सकते हैं भारत
बता दें कि 3 नवंबर से भारत-बांग्लादेश के बीच 3 टी20 व 2 टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होने जा रही है। लेकिन पहले आई खबरों के मुताबिक बांग्लादेश टीम बिना शाकिब के ही भारत आएगी, लेकिन अब सीईओ चाैधरी के बयान से साफ संकेत मिल गए हैं कि शाकिब सीरीज में माैजूद रहेंगे। तीन मैचों की टी-20 सीरीज के मैच 3 नवंबर को दिल्ली, 7 नवंबर को राजकोट और 7 नवंबर को नागपुर में खेले जाएंगे। इसके बाद दोनों टीमें दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली खेलेंगी। पहला टेस्ट 14 से 18 नवंबर तक इंदौर और दूसरा टेस्ट 22 से 26 नवंबर तक कोलकाता में खेला जाएगा।


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