नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर एक शख्सियत के तौर पर स्थापित होने के बाद क्रिकेटर्स के लिए जिंदगी में कई काम आसान हो जाते हैं। कई बार ऐसा होता है कि खिलाड़ी अपनी लोकप्रियता भुनाने के लिए क्रिकेट के बाद ऐसा प्रोफेशन चुनते हैं जिसमें पहले से ही लोकप्रियता की जरूरत हो। दिलस्कूप और अपनी धाकड़ बल्लेबाजी के लिए मशहूर श्रीलंका के पूर्व स्टार बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान अब सियासी पिच पर उतरने जा रहे हैं। उन्हें उनकी लोकप्रियता का फायदा मिलेगा।
तिलकरत्ने दिलशान ने बुधवार को राजनीतिक पारी खेलने के लिए महिंदा राजपक्षे की पार्टी का दामन थाम लिया। राजपक्षे की विवादित सरकार, संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर हार गयी है फिर भी दिलशान अपना सियासी करियर इसी पार्टी के साथ शुरू कर रहे हैं। ऐसे में देखना होगा की उनकी राजनीतिक पारी कितनी सफल और असरदार होती है।
राजपक्षे की नवगठित श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) के सचिव सागर करियावासम ने बताया कि 42 वर्षीय श्रीलंका के स्टार क्रिकेटर दिलशान ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।पार्टी सूत्रों ने कहा कि दिलशान कलुतारा जिले की संसदीय सीट से चुनाव लड़ेंगे। श्रीलंका की विश्व कप टीम के कप्तान रहे अर्जुन रणतुंगा, विक्रमसिंघे की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे।
साल 2016 में दिलशान ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषण की थी। श्रीलंका की तरफ से उन्होंने 87 टेस्ट में 40.98 की औसत से 5492 रन बनाए हैं जिसमें 194 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा है। 330 वनडे मुकाबले में दिलशान के नाम 10290 रन हैं। वनडे में उन्होंने कुल 22 शतक बनाए है और सर्वाधिक स्कोर 161 का रहा है।
इससे पहले खबर थी कि आईपीएल और दुनिया भर की कई क्रिकेट लीग में अपने प्रदर्शन से धाक जमा चुके शाकिब-अल-हसन और बांग्लादेश के कप्तान मशर्फे मुतर्जा भी बांग्लादेश में अपनी लोकप्रियता के दम पर नई पारी खेलना चाहते हैं। खबर थी कि मशर्फे मुर्तजा और शाकिब-अल-हसन11 वें संसदीय चुनाव लड़ना चाहते हैं।
हालांकि रविवार को ढाका ट्रिब्यून की खबरों की अगर मानें तो अवामी लीग के जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि शाकिब अल हसन अब चुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उन्हें सलाह दी है कि वो अभी अपने खेल पर ध्यान दें। हालांकि इस बात पर अभी अटकलें तेज हैं कि मुर्तजा रविवार को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। बता दें कि शाकिब अल हसन ने 2006 में अपने वनडे करियर का आगाज किया था और उन्होंने 192 मुकाबलों में 5482 रन बनाए हैं जिसमें 7 शानदार शतक भी शामिल हैं। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने बांग्लादेश की साख को क्रिकेट जगत में बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है