चेन्नई टेस्ट : भारत ने 155 रनों पर 6 विकेट गंवाए (लीड-6)
भारतीय पारी को संवारने का दारोमदार अब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के कंधे पर है जो 35 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 24 रन बनाकर नाबाद लौटे। हरभजन सिंह छह गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 13 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं।
इंग्लैंड की पहली पारी के स्कोर 316 रनों के जवाब में भारतीय टीम अभी भी 161 रन पीछे है। उसके लिए चिंता का सबब बस यही है कि उसने अपने छह प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए हैं। हालांकि हाल के दिनों में हरभजन और जहीर खान जैसे पुछल्ले बल्लेबाजों ने कई मौकों पर शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को मुश्किलों से उबारा है।
भारत का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के रूप में गिरा। सहवाग 16 गेंदों पर दो चौकों की मदद से नौ रन बनाकर तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन की गेंद पर बोल्ड हुए। उस समय भारत का स्कोर 16 रन था।
इसके बाद 34 रन के कुल योग पर सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (19) भी चलते बने। गंभीर को अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे स्पिन गेंदबाज ग्रीम स्वान ने पगबाधा आउट किया। गंभीर ने 43 गेंदों पर तीन चौके लगाए।
कुल योग में अभी तीन रन ही जुड़े थे कि काफी देर से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ (3) भी स्वान के शिकार बने। द्रविड़ ने 24 गेंदों का सामना किया।
चायकाल तक भारत ने 37 रनों पर अपने तीन शीर्ष बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। उसके लिए जबरदस्त संघर्ष की स्थिति थी। ऐसे मौके पर सचिन तेंदुलकर और वी.वी.एस. लक्ष्मण ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियों की मदद से उसे मुश्किल से उबारने का काम किया।
तेंदुलकर जहां 48 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 37 बनाकर हरफनमौला एंड्रयू फ्लिंटॉफ की गेंद पर उन्हीं के द्वारा लपके गए वहीं लक्ष्मण ने अपनी 24 रनों की पारी में 60 गेंदें खेलकर तीन चौके लगाए।
अपनी इस पारी के दौरान तेंदुलकर ने इंग्लैंड के खिलाफ 2000 रन पूरे किए। छह रन के व्यक्तिगत स्कोर पर पहुंचने के साथ ही उन्होंने यह मुकाम हासिल कर लिया। इंग्लैंड के खिलाफ यह तेंदुलकर का 23वां मैच है। तेंदुलकर ने इंग्लैंड के अलावा आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 से अधिक रन बनाए हैं।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आए युवराज सिंह ने निराश किया। एकदिवसीय श्रंखला में धमाकेदार पारियां खेलकर टेस्ट टीम में वापसी करने वाले युवराज 41 गेंदों पर मात्र 11 रन बनाकर चलते बने।
इससे पहले, इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में 316 रनों पर सिमट गई। पारी के अंत में विकेटकीपर बल्लेबाज मैट प्रायर 102 गेंदों पर एक चौके की मदद से 53 रन बनाकर नाबाद रहे।
मैच के पहले दिन पांच विकेट पर 229 रन बनाने वाली इंग्लैंड की टीम की दूसरे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। हरफनमौला फ्लिंटॉफ (18) पहले दिन के अपने व्यक्तिगत स्कोर में बिना कोई रन जोड़े अमित मिश्रा की गेंद पर गंभीर के हाथों लपके गए।
इसके बाद नाइटवॉचमैन एंडरसन (19) और प्रायर ने स्कोर को 271 रनों तक पहुंचाया लेकिन इसी स्कोर पर मिश्रा ने एंडरसन को युवराज के हाथों कैच करा दिया। एंडरसन ने 82 गेंदों का सामना करते हुए दो चौके लगाए।
एंडरसन के विदा होने के बाद स्वान कुछ खास नहीं कर सके और एक रन बनाकर हरभजन के शिकार बने। हरभजन ने उन्हें द्रविड़ के हाथों कैच कराया।
हार्मिसन (6) को युवराज ने विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच कराया जबकि ईशांत शर्मा ने आखिरी बल्लेबाज पनेसर (6) को पगबाधा आउट कर इंग्लैंड की पारी समाप्त कर दी। इंग्लैंड की टीम ने 128.4 ओवर के खेल में 2.45 के औसत से रन जुटाए।
भारत की ओर से हरभजन और मिश्रा ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि जहीर खान को दो सफलताएं मिलीं। युवराज तथा ईशांत एक-एक विकेट लेने में सफल रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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