
उमेश यादव ने कहा कुछ ऐसा
इस बाबत उमेश यादव ने कहा कि वनडे मुकाबलों में दो गेंदों के इस्तेमाल के कारण तेज गेंदबाजों को खासा समस्या होती है, जिसका परिणाम आपको इंग्लैंड व ऑस्ट्रेलिया जैसे मुकाबलों में देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि इसके कारण गेंदबाजों को अंतिम ओवर में वो मदद नहीं मिल पाती है जो मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतिम ओवर में गेंदबाज के ऊपर काफी प्रेशर होता है ऐसे में गेंद बिल्कुल रिवर्स ही नहीं होती है। हालांकि इस युवा गेंदबाज ने कहा कि हम इंग्लैंड दौरे के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और साथ ही मैं अपने प्रदर्शन से खुश भी हूं।
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सचिन ने की थी तीखी प्रतिक्रिया
इंग्लैड का वनडे में रनों का रिकॉर्ड बनाने के बाद तेंदुलकर ने ट्विटर पर लिखा, 'वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल नाकामी को न्यौता देने जैसा है। गेंद को उतना समय ही नहीं मिलता कि रिवर्स स्विंग मिल सके। उन्होंने आगे लिखा था कि हमने डैथ ओवरों में लंबे समय से रिवर्स स्विंग नहीं देखी।
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ब्रेट ली ने किया था इनकार
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली का कहना है कि वनडे प्रारूप में दोनों छोर से नई गेंदों के इस्तेमाल से गेंदबाजों को मदद मिलती है, उन्होंने कहा कि दो गेंदों का इस्तेमाल होना कोई बड़ी बात नहीं है। ली ने कहा कि गेंदबाजों को केवल विकेट चाहिए। उन्हें उस पिच पर भी विकेट लेने होंगे, जिसमें बल्लेबाज आसानी से 400 रन बना रहे हैं या 450 का स्कोर खड़ा कर पा रहे हैं। मुझे अब भी लगता है कि 250-280 का स्कोर सबसे ज्यादा है। ली ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वनडे में एक या दो गेंदों के इस्तेमाल से कोई मुद्दा खड़ा हो सकता है. दो नई गेंदों का होना वनडे प्रारूप में गेंदबाजों को मदद दे सकता है।


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