
कोहली के एजेंट ने किया इनकार
विराट रोहली के एजेंट और कॉर्नेस्टोन स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट के फाउंडर सीईओ बंटी सजदेह ने कहा कि ऐसा कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है। आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने कहा, 'टूरिज्म राज्य की रीढ़ की हड्डी है। इसमें गलत क्या है अगर एक बड़े चेहरे को राज्य की चर्चित जगहों के बारे में बताने के लिए चुना गया? सारी चीजें कानूनी दायरे में रहकर की गई हैं। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वो निराधार हैं।' READ ALSO: महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत का ये है सीक्रेट, अपनाई कांग्रेस की पुरानी ट्रिक

रावत सरकार ने किया बचाव
उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि केदारनाथ को फिर से विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता थी। सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव हार रही है इस डर से अब गलत बातें फैला रही है। कोहली को पैसे ट्रांसफर किए जाने से इनकार की बात सामने आने पर उन्होंने कहा, 'मैं संबंधित विभाग से इस बारे में जानकारी मांगूंगा। यह सिर्फ बीजेपी मानती है कि कोहली को पैसे दिए गए थे। अगर क्रिकेटर के प्रतिनिधि यह कह रहे हैं कि उन्हें कोई पैसा नहीं दिया गया तो हम इसकी जानकारी लेंगे।' READ ALSO: धर्म के चलते कानूनी कटघरे में पहुंचे तेलंगाना के CM केसीआर, कोर्ट में अर्जी

राज्य सरकार ने दी थी अनुमित
चुनावी माहौल के बीच आरटीआई के जवाब से बीजेपी अब कांग्रेस पर हमलावर हो रही है। आरटीआई दाखिल करने वाले अजेंद्र अजय ने दावा किया कि करीब एक मिनट के वीडियो के लिए कोहली को जो पैसा दिया गया था वह बाढ़ राहत कोष से ही दिया गया था। यह पैसा जिला आपदा राहत प्रबंधन प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की ओर से दिया गया था। इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति मिली थी।

बीजेपी ने यहां भी उठाए थे सवाल
विराट कोहली को यह रकम सिंगर कैलाश खेर की फर्म कैलाशा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के जरिए जून 2015 में जारी की थी। बीते साल अक्टूबर में बीजेपी ने सिंगर को आपदा कोष से 3.66 करोड़ रुपये देकर केदारनाथ पर वीडियो रिकॉर्ड कराए जाने का भी विरोध किया था। बीजेपी ने केदारनाथ को लेकर जारी किए गए सीरियल का भी विरोध किया था क्योंकि यह ऐसे समय लॉन्च किया जा रहा था जब मंदिर बंद होने वाला था।


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