पैसे के अभाव में एथलीट चिंचू
कन्नूर (केरल), 5 जुलाई: आप खुद ही अंदाजा लगाइए कि एक ऐसे देश में जहां क्रिकेट पर अरबों रुपये बहाए जाते हैं, वहां हवाई टिकट के लिए पैसे नहीं होने के कारण एक एथलीट का विश्व चैंपियनशिप में शिरकत नहीं कर पाना कितना दुखद है।
दरअसल, कन्नूर की चिंचू जोस को मंगलवार को पोलैंड में शुरू हुई विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेना था। टीम के साथ पोलैंड जाने के लिए चिंचू को हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचना था।
लेकिन लाख कोशिश के बावजूद उनके माता-पिता इतने पैसे नहीं जमा कर सके, जिससे कि चिंचू के लिए दिल्ली की हवाई टिकट खरीदी जा सके। ऐसे में चिंचू समय से दिल्ली नहीं पहुंच सकीं। हालांकि उनकी टीम उनके बगैर ही पोलैंड रवाना हो गई।
चिंचू पिछले महीने जकार्ता में आयोजित एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। वहां वह 4 गुणा 400 रिले टीम का हिस्सा थीं, जिसमें उन्होंने कांस्य पदक जीता था।
चिंचू के पिता सी. जे. जोस ने बताया कि उन्होंने चिंचू के लिए रेल टिकट खरीदने के लिए उसकी मां के स्वर्ण आभूषण बेच दिए। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने भारतीय टीम के कोच से संपर्क किया। कोच ने बताया कि पोलैंड रवाना होने से एक दिन पहले चिंचू का पासपोर्ट जमा कराना होगा।
चिंचू के पिता ने उनका पासपोर्ट दिल्ली भेजने के लिए एक कूरियर कंपनी से संपर्क किया लेकिन उस कंपनी ने तकनीकी कारणों से पासपोर्ट दिल्ली पहुंचाने से इनकार कर दिया। इस तरह चिंचू कन्नूर में ही रह गईं और उनके साथी पोलैंड रवाना हो गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
दरअसल, कन्नूर की चिंचू जोस को मंगलवार को पोलैंड में शुरू हुई विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेना था। टीम के साथ पोलैंड जाने के लिए चिंचू को हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचना था।
लेकिन लाख कोशिश के बावजूद उनके माता-पिता इतने पैसे नहीं जमा कर सके, जिससे कि चिंचू के लिए दिल्ली की हवाई टिकट खरीदी जा सके। ऐसे में चिंचू समय से दिल्ली नहीं पहुंच सकीं। हालांकि उनकी टीम उनके बगैर ही पोलैंड रवाना हो गई।
चिंचू पिछले महीने जकार्ता में आयोजित एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। वहां वह 4 गुणा 400 रिले टीम का हिस्सा थीं, जिसमें उन्होंने कांस्य पदक जीता था।
चिंचू के पिता सी. जे. जोस ने बताया कि उन्होंने चिंचू के लिए रेल टिकट खरीदने के लिए उसकी मां के स्वर्ण आभूषण बेच दिए। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने भारतीय टीम के कोच से संपर्क किया। कोच ने बताया कि पोलैंड रवाना होने से एक दिन पहले चिंचू का पासपोर्ट जमा कराना होगा।
चिंचू के पिता ने उनका पासपोर्ट दिल्ली भेजने के लिए एक कूरियर कंपनी से संपर्क किया लेकिन उस कंपनी ने तकनीकी कारणों से पासपोर्ट दिल्ली पहुंचाने से इनकार कर दिया। इस तरह चिंचू कन्नूर में ही रह गईं और उनके साथी पोलैंड रवाना हो गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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