इन 3 कारणों ने निभाई विराट कोहली की कप्तानी छोड़ने में अहम भूमिका

नई दिल्लीः विराट कोहली ने अपनी कप्तानी का एक छोटा सा हिस्सा छोड़ दिया है। वे इस साल होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट के कप्तान नहीं होंगे। एक बार को तो यही लगा कि कोहली ने पूरे सफेद गेंद फॉर्मेट से कप्तानी में विदाई ले ली है लेकिन वे अभी वनडे टीम की कमान संभाले रखना चाहते हैं। यानी अब भारत को स्पिलिट कप्तानी देखने को मिलने वाली है।

दुनिया में विभाजित कप्तानी बहुत आम बात है लेकिन ऐसा कम होता है कि सफेद गेंद क्रिकेट में ही आपको दो कप्तान देखने को मिल जाएं। शायद बीसीसीआई खुद पेचीदा स्थिति से बचने के लिए कोहली पर वनडे कमान छोड़ने के लिए भी दबाव डाल सकता है। या फिर कोहली खुद कुछ समय बाद वर्कलोड को और कम करने के लिए टी20 को अलविदा ही कहना चाहेंगे या फिर पूरी तरह कप्तानी को छोड़ते हुए सफेद गेंद क्रिकेट खेलते रहेंगे।

1. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप हारने से दबाव पड़ा-

1. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप हारने से दबाव पड़ा-

कई फैंस को लग सकता है कोहली ने तुरंत यह फैसला किया होगा कि टी20 कप्तानी अब छोड़नी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। इस फैसले के पीछे महीनों की प्रक्रिया शामिल है। कोहली की कमान पर तब ही भौंहे चढ़नी शुरू हो गई थी जब भारत ने इस साल जुलाई में न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप मुकाबला गंवाया था।

वेबसाइट 'क्रिकबज' की एक रिपोर्ट में कहा गया है, "जुलाई की शुरुआत में, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के तुरंत बाद, टॉप लेवल पर बड़बड़ाहट शुरू हो गई थी कि अब कुछ करना चाहिए। एक बल्लेबाज के रूप में अपनी खुद की ऊंचाइयों को फिर से हासिल करने के अलावा यह बात भी दिखने लगी थी कि कप्तानी के अतिरिक्त दबाव के संकेत अब उभर रहे थे।"

विराट कोहली के टी20 कप्तानी छोड़ने के फैसले पर अनुष्का शर्मा ने दी ये प्रतिक्रिया

2. नए सेलेक्शन पैनल ने चैलेंज पेश किया-

2. नए सेलेक्शन पैनल ने चैलेंज पेश किया-

रिपोर्ट यह भी कहती है कि कोहली की नए सेलेक्शन पैनल से भी चैलेंज मिलने शुरू हो गए थे। मार्च में उनको अपनी वनडे टीम में शिखर धवन को रखने के लिए मैनेजमेंट से कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यह इंग्लैंड सीरीज की बात है। रिपोर्ट के मुताबिक चयनकर्ता एक दूसरे ओपनर को लेना चाहते थे जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया था। कोहली तब जिद पर अड़ चुके थे कि धवन भले ही टी20 में अपनी जगह खो चुके हों, लेकिन वे वनडे में बहुत अहम हैं।

3. आईपीएल के सूखे ने आग में घी का काम किया-

3. आईपीएल के सूखे ने आग में घी का काम किया-

दूसरी बात ये कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट का दबाव भी कम नहीं था क्योंकि रोहित शर्मा वहां पर 5 ट्रॉफी जीत चुके थे और नेशनल टीम में उप-कप्तान थे जबकि विराट कोहली कप्तान रहकर एक भी आईपीएल ट्रॉफी किसी को नहीं दिखा पाए।

रिपोर्ट आगे कहती है, "इसके अलावा, कोहली पर विशेष रूप से आईसीसी टूर्नामेंट जीत के संबंध में दबाव बढ़ रहा था। 2013 से रोहित शर्मा के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस के लिए पांच आईपीएल खिताबों का मामला भी था, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की खाली ट्रॉफी ने सबसे छोटे प्रारूप में कोहली की कप्तानी की चर्चाओं को हवा दी। "

मजेदार बात यह है कि कोहली अभी भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान हैं और उन्होंने आईपीएल से कप्तानी छोड़ने की इच्छा अभी तक जाहिर नहीं की है। देखना होगा आरसीबी इस बार क्या रुख अपनाती है, अगर कोहली आईपीएल 2021 में भी खाली हाथ लौटते हैं तो।

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Story first published: Friday, September 17, 2021, 14:15 [IST]
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