कप्‍तानी में फिट हैं धोनी: तेंदुलकर
नई दिल्ली, 30 अक्तूबर: भारतीय क्रिकेट टीम के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने एकदिवसीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के खेल पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि कि धोनी कप्तानी के लिए बिलकुल फिट हैं। उन्होंने कहा है कि कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धोनी काफी अच्छे हैं और उनका दिमाग काफी तीक्ष्ण है।
सचिन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि धोनी बहुत अच्छे हैं। वे मैदान और मैदान के बाहर काफी संतुलित हैं और मैं सोचता हूं कि वे काफी तीक्ष्ण दिमाग वाले हैं। उनकी स्थिति को भांपने की क्षमता काफी अच्छी है, जिसे मैंने उनमें काफी पहले देख लिया था।
अपने कप्तान बनने से जुड़े सवाल पर सचिन ने कहा कि मीडिया ने गलत आकलन किया है। काफी समय तक साथ-साथ खेलने वाले सौरभ गांगुली के बारे में टिप्पणी करते हुए सचिन ने कहा कि गांगुली की संन्यास लेने की घोषणा आश्चर्यचकित करने वाली थी लेकिन मैंने पहले ही कहा था कि एक खिलाड़ी ही जानता है कि उसे कब संन्यास लेना है और मैं नहीं जानता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है।
वरिष्ठ खिलाडि़यों का सम्मान हो
सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि टीम के वरिष्ठ खिलाडि़यों का सम्मान किया जाना चाहिये, क्योंकि उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए अतुलनीय योगदान दिया है।
केवल भारत में वरिष्ठ खिलाड़ियों का सम्मान नहीं होता। वरिष्ठ खिलाड़ियों को अच्छी तरह पता है कि उन्हें कब क्रिकेट को अलविदा कहना है। लोग इस संबंध में राय जाहिर करते हैं लेकिन हर बार उनकी राय सही नहीं होती। कभी-कभी उनकी बातें खिलाड़ियों को आहत कर जाती हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।
सचिन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि धोनी बहुत अच्छे हैं। वे मैदान और मैदान के बाहर काफी संतुलित हैं और मैं सोचता हूं कि वे काफी तीक्ष्ण दिमाग वाले हैं। उनकी स्थिति को भांपने की क्षमता काफी अच्छी है, जिसे मैंने उनमें काफी पहले देख लिया था।
अपने कप्तान बनने से जुड़े सवाल पर सचिन ने कहा कि मीडिया ने गलत आकलन किया है। काफी समय तक साथ-साथ खेलने वाले सौरभ गांगुली के बारे में टिप्पणी करते हुए सचिन ने कहा कि गांगुली की संन्यास लेने की घोषणा आश्चर्यचकित करने वाली थी लेकिन मैंने पहले ही कहा था कि एक खिलाड़ी ही जानता है कि उसे कब संन्यास लेना है और मैं नहीं जानता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है।
वरिष्ठ खिलाडि़यों का सम्मान हो
सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि टीम के वरिष्ठ खिलाडि़यों का सम्मान किया जाना चाहिये, क्योंकि उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए अतुलनीय योगदान दिया है।
केवल भारत में वरिष्ठ खिलाड़ियों का सम्मान नहीं होता। वरिष्ठ खिलाड़ियों को अच्छी तरह पता है कि उन्हें कब क्रिकेट को अलविदा कहना है। लोग इस संबंध में राय जाहिर करते हैं लेकिन हर बार उनकी राय सही नहीं होती। कभी-कभी उनकी बातें खिलाड़ियों को आहत कर जाती हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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