नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी-20 मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भारत के सामने 186 रन का स्कोर खड़ा किया। मैच में सलामी बल्लेबाज मैथ्यू वेड ने शानदार 80 रनों की पारी खेली। टॉस जीतकर पहले विराट कोहली ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जिसके बाद कंगारू टीम ने भारत के सामने जीत के लिए 187 रन का लक्ष्य रखा। मैच के दौरान टी नटराजन की गेंद वेड के पैर पर लगी, जिसके बाद एलबीडबल्यू की अपील की गई, लेकिन अंपायर ने इसे आउट नहीं दिया। जिसके बाद विराट कोहली ने डीआरएस की मांग की। अहम बात यह है कि तीसरे अंपायर ने फैसले को रिव्यू करना शुरू कर दिया, लेकिन बाद में तीसरे अंपायर को यह बीच में ही रोकना पड़ा।
दरअसल 11वें ओवर में चौथी गेंद पर वेड के खिलाफ पगबधा की अपील हुई, लेकिन बड़ी स्क्रीन पर रीप्ले देखने के बाद विराट कोहली ने डीआरएस लिया, जिसकी वजह से भारत का यह रिव्यू रद्द कर दिया गया। रिव्यू में साफ देखा जा सकता था कि वेड पगबधा आउट थे, लेकिन देर से डीआरएस लेने की वजह से भारत का यह रीव्यू रद्द हो गया। जिसके चलते वेड को एक जीवनदान मिल गया। इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए वेड ने 51 रनों की अपनी पारी को 80 रनों तक पहुंचा दिया।
अंपायर के इस फैसले के बाद यह पूरा वाकया चर्चा का विषय बनय गया। कई पूर्व खिलाड़ियों ने इस फैसले पर अपनी राय रखी। पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने कहा कि डीआरएस का इस्तेमाल गलतियों को कम करने के लिए किया गया था, ऐसे में मैथ्यू वेड को खुद ही पवेलियन की ओर चले जाना चाहिए था। वहीं आकाश चोपड़ा का कहना है कि अंपायर का यह फैसला सही था, बड़ी स्क्रीन पर देखने के बाद डीआरएस नहीं लिया जा सकता है, लिहाजा कोहली को पहले ही डीआरएस ले लेना चाहिए था।
बता दें कि भारतीय टीम शुरुआती दो टी-20 मैच जीतकर पहले ही इस सीरीज में अपराजेय बढ़त बना चुकी है। ऐसे में अगर भारतीय टीम यह मैच जीतती है तो टी-20 में टीम इंडिया क्लीन स्वीप करने में कामयाब होगी। इसके साथ ही टीम इंडिया के नाम 2020 में टी-20 क्रिकेट में 100 फीसदी जीत का रिकॉर्ड बना रहेगा। बता दें कि भारतीय टीम ने इस साल 10 टी-20 मैच खेले हैं, जिसमे से 9 मैच में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है जबकि एक मैच का नतीजा नहीं निकल सका।