विश्व कप 2019 : इंग्लैंड से मिली हार पर कोहली ने बताया कहां हुई उनसे चूक

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के हाथों बर्मिंघम में 31 रनों से हार का सामना करना पड़ा। यह इस विश्व कप में भारत की पहली हार रही। भारत 7 मैचों में 11 अंकों के साथ अभी भी दूसरे स्थान पर है वहीं इंग्लैंड 8 मैचों में 9 अंकों के साथ चाैथे स्थान पर हैं। भारत को जीत के लिए आखिरी 5 ओवरों में 77 रनों की जरूरत थी लेकिन 6 विकेट हाथ में होने के बावजूद टीम जीत के लिए संघर्ष करती नहीं दिखी। मैच के बाद कप्तान विराट कोहली ने बयान देते हुए बताया कि आखिर कहां उनसे चूक हो गई।

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विपक्षी टीम बेहतर खेली

विपक्षी टीम बेहतर खेली

कोहली ने कहा कि इस विश्व कप में सभी टीमें हार चुकी हैं। कोई भी टीम हारना पसंद नहीं करती, लेकिन आपको यह स्वीकार करना होगा कि दूसरी टीम ने हमसे बेहतर खेला। वे अपनी योजनाओं के निष्पादन के संदर्भ में सिर्फ अधिक नैदानिक ​​थे। हम अभी भी अच्छी क्रिकेट खेल रहे हैं और ड्रेसिंग रूम में अभी भी मनोबल वही है। हमें बस पेशेवर क्रिकेटरों की तरह इस ओर ब्रश करना होगा, इससे सीखना होगा और आगे बढ़ना होगा।

एक समय लगा कि 360 रन बनेंगे

एक समय लगा कि 360 रन बनेंगे

कोहली ने आगे कहा, ''टॉस महत्वपूर्ण था, विशेष रूप से बाउंड्री को देखते हुए जो छोटी हैं। अपने स्पिनरों के खराब प्रदर्शन पर कोहली ने कहा कि अगर बल्लेबाज रिवर्स स्वीप से छक्का जड़ रहे हैं, तो आप बतौर स्पिनर ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। निश्चित ही, कुलदीप और युजवेंद्र को लाइन को लेकर और ज्यादा होशियारी दिखानी चाहिए थी क्योंकि बाउंड्री छोटी होने के कारण यहां मुझे लगा कि वे एक चरण में 360 की ओर जा रहे हैं, लेकिन हम 330 के आसपास रोककर खुश हैं। रन 10-15 कम होते तो बेहतर था लेकिन बेन स्टोक्स ने अंत में अच्छी पारी खेली।''

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कुछ और हो सकता था परिणाम

कुछ और हो सकता था परिणाम

अगर हम बल्ले से क्लीनिकल होते, अगर उस समय आउट नहीं होते, तो परिणाम हो सकता था। हमारे पास एक अच्छा मौका था जब पंत और पांड्या तेजी से रन बना रहे थे। हम विकेट गंवाते रहे और इससे बड़े लक्ष्य पीछा करने में मदद नहीं मिली, लेकिन अंत में इसका श्रेय इंग्लैंड को जाता है। कोहली ने धोनी का बचाव करते हुए कहा, ''मुझे लगता है कि एमएस धोनी बाउंड्री पाने के लिए बहुत कोशिश कर रहे थे, लेकिन यह हो नहीं पा रहा था। उन्होंने अच्छे क्षेत्रों में गेंदबाजी की और गेंद रुक रही थी, इसलिए अंत तक बल्लेबाजी करना मुश्किल था। हमें अगले मैच में चीजों पर बैठना और आकलन करना और सुधार करना होगा। रन रोकना मुश्किल काम था। छोटी बाउंड्री को देखते हुए यहां टॉस अहमियत बहुत ज्यादा थी। मेरे ख्याल से यहां 59 मीटर की बाउंड्री थी, जो संयोग से अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में सबसे छोटी बाउंड्री है।''

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Story first published: Monday, July 1, 2019, 10:04 [IST]
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