
क्या कहा था कोहली ने
विश्व कप के शुरू होने से पहले इंग्लैंड क्रिकेट ने इस बात पर जोर दिया था कि यहां कि पिचें पूरी तरह से बल्लेबाजों के लिए मददगार होगी आैर रनों का अंबार लगेगा। लेकिन ऊधर कोहली का ऐसा मानना नहीं था। कोहली ने हालांकि कहा था कि स्कोर जरूर बड़े बनेंगे लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई टीम छोटे लक्ष्य का पीछा करेगी तो उसके लिए मुश्किलें जरूर खड़ी होंगी और उनकी यह बात साबित भी हुई। उन्होंने कहा था, ‘‘यह बड़े स्कोर वाला टूर्नामेंट होगा लेकिन मैंने स्वदेश में भी कहा कि विश्व कप में 260-270 रन का पीछा करना 370-380 रन का पीछा करने जितना मुश्किल होगा।'

सच नहीं हुए इंग्लैड बोर्ड के दावे
इस विश्व कप के अभी तक 27 मैच हो चुके हैं, लेकिन 2-3 मैचों में ही रनों की बरसात देखे को मिली है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने दावा किया था कि तेज पिचों पर स्पिनरों को मदद नहीं मिलेगी लेकिन यह भी उनकी बात गलत साबित हुई। बीच के ओवरों में बनती हुई साझेदारियों को तोड़ने में स्पिनरों ने ही दम दिखाया है।

पाकिस्तान के खिलाफी भी हारी थी
ऐसा पिछले 4 सालों में पहल बार हुआ है जब इंग्लैंड की टीम इतना कम स्कोर हासिल नहीं कर पाई हो। विश्व कप से पहले इंग्लैंड ने कई बार 300 से ज्यादा का स्कोर आसानी से हासिल किया, लेकिन अब संघर्ष करती दिख रही है। पाकिस्तान के खिलाफ भी इंग्लैंड लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ा गई थी। पाकिस्तान ने 349 रनों का लक्ष्य दिया था जवाब में इंग्लैंड 334 रन ही बना सका। यानि कि लक्ष्य का पीछा करते हुए टीमें इस विश्व कप में दवाब में नजर आ रही हैं।


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