सायना ने जीता कांस्य पदक, कहा पूरा हुआ सपना
लंदन। लंदन ओलंपिक में सायना नेहवाल से जैसी उम्मीद थी, वैसा ही हुआ। सायना ने ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर देश का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। यह मैडल भले ही उनकी प्रतिद्वन्द्वी व चीन की खिलाड़ी के घायल होने पर उन्हें मिला, लेकिन सायना का खेल ओलंपिक के दौरान अच्छा रहा। पदक जीतने के बाद सायन ने कहा कि आखिरकार उनका सपना पूरा हो गया।
भारत के लिये तीसरा कास्य पदक तब आया जब सायना चीन की वांग जिन के खिलाफ कोर्ट में उतरीं। सायना का शुरुआती खेल अच्छा था, लेकिन पहले ही मैच में वो 18-21 से हार गईं। अगले मैच में सायना ने वापसी की ही थी कि चीन की वांग कोर्ट में फिसल कर चोटिल हो गईं और मैच आगे नहीं बढ़ सका। खेल के नियमों के आधार पर सायना को कांस्य पदक दे दिया गया।
पदक जीतने के ऐलान के साथ सायना की आंखें नम हो गईं। वो रो पड़ीं। उनके रोने के पीछे दो कारण थे। पहला उस खुशी के आंसू, जिसका उन्हें लंबे अर्से से इंतजार था और दूसरा यह कि वो शायद इस तरह से मैडल जीतना नहीं चाहती थीं।
22 वर्षीय सायना ने मेडल जीतने के बाद कहा कि यह पदक देश के युवाओं को बैडमिंटन खेलने के लिए प्रेरित करेगा। इससे नई प्रतिभाएं और जोश के साथ मेहनत करेंगी और आगे आने के प्रयास करेंगी। यही नहीं भारत में बैडमिंटन का परिदृश्य पूरी तरह बदल जायेगा।
सायना ने कहा उनके पदक से काफी चीजें बदलेंगी। भारत में बैडमिंटन में काई बदलाव देखने को मिलेंगे। खास बात यह है कि देश की लड़कियां इस खेल में उतरेंगी। सायना ने नई प्रतिभाओं में पीवी सिंधु से काफी उम्मीदें जताईं। सायना ने कहा कि उनका लक्ष्य ओलंपिक पदक जीतने का था, जिसके लिये उन्होंने पांच साल तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि भारत पदक जीत सकता है।"
सायना ने बताया कि तीसरे स्थान के मुकाबले से पहले रात को उन्हें ठीक से नींद आयी। और अब पदक जीतने के बाद वो कुछ दिन आराम करेंगी। सेमीफाइनल के पहले मैं पूरी रात नहीं सो पायी। मैं हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने के बारे में सोचती रही।
सायना ने अपनी प्रतिद्वन्द्वी खिलाड़ी के हारने पर गहरा दु:ख व्यक्त किया और कहा कि अगर वे चोटिल नहीं भी होतीं, तो भी वे उसे हरा देतीं, क्योंकि उस समय उनका विश्वास चरम पर था।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
