नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। आज राजधानी के पाश हौज खास इलाके में वीरेन्द्र सहवाग के घर बाहर मायूसी का मंजर था। कुछ पत्रकारों ने उनसे उनके घर में जाकर मिलने की इच्छा जताई तो वे टाल गए। आगामी विश्व कप के लिए चुने गए संभावित 30 भारतीय खिलाड़ियों में नजफगढ़ के नवाब वीरेंद्र सहवाग के नाम का ना होना अपने आप में दुखद तो है, पर किसी को हैरान नहीं करेगा।
इससे पहले ही इस बात की संभावनाएं जाहिर की जा रही थीं कि वीरेन्द्र सहवाग ही प्रथम श्रेणी की क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा कर देंगे। अब तय है कि वे प्रथम श्रेणी की क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। यानी देश के क्रिकेट प्रेमियों को एक महान बल्लेबाज के खेल से वंचित होना पड़ेगा।
वीरू-गंभीर टेंशन
सहवाग के क्रिकेट से सन्यास लेने की खबरें दिल्ली के क्रिकेट सर्किल में व्यक्त की जा रही थी। एक दौर में वीरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर परम मित्र होते थे। पर हाल ही में विजय हजारे चैंपियनशिप के एक मैच मे खराब क्षेत्ररक्षण करने के कारण सहवाग को गंभीर ने मैदान के बीच में ही फटकार लगाई। इसके चलते दोनों के संबंध भी खराब हो गए।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कहेंगे
बताया जा रहा है कि उनका गंभीर से टेंशन का मामला इतना गंभीर है कि सहवाग ने क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कहने का फैसला कर लिया है। वे इतने खफा हो गए कि उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी के क्रिकेट को समेटने का ही मन बना लिया है।
टीम से नाम वापस लिया
कुछ समय पहले ही टेस्ट मैचों में दो बार तिहरे शतक ठोकने वाले सहवाग ने देवधर ट्राफी के लिए चुनी जानी वाली उत्तर क्षेत्र के टीम से नाम वापस ले लिया। उन्होंने इसकी सूचना उत्तर क्षेत्र के एक सेलेक्टर विक्रम राठौर को दे दी। हिन्दुस्तान टाइम्स के पूर्व खेल संपादक धर्मेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि वीरू की लगातार खराब फार्म के चलते उनके पास अब कोई दूसरा चारा भी नहीं है कि वे क्रिकेट से सन्यास ना लें। वे 36 साल के हो गए। अब उन्हें नए खिलाड़ियों को अवसर देने के लिए कोई बड़ा फैसला लेना होगा।
गर्दिश में सितारे
बहरहाल, सहवाग के सितारे तो लगातार गर्दिश में चल रहे हैं। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने कुछ साल पहले घोषणा की थी कि फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में दर्शक दीर्घा में एक स्टैंड वीरू के नाम पर रखा जाएगा। यह बात दीगर है कि डीडीसीए अपने वादे को भूल सी गई है।
जानकारों का कहना है कि डीडीसीए के अपने वादे को भूलने से सहवाग के भी निराश है। अभी हाल ही में भारत-वेस्ट इंडीज के बीच कोटला में एकदिवसीय मैच हुआ। तब उम्मीद थी कि मैदान के एक स्टैंड को वीरू करने की घोषणा हो जाएगी। पर अफसोस ऐसा नहीं हुआ।