नई दिल्ली। अपने ट्वीट से सुर्खियां बटोरने वाले पूर्व भारतीय विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग को उनका एक ट्वीट महंगा पड़ गया। दरअसल सहवाग अपने मजाकियां अंदाज के अलावा सोशल मीडिया पर कई बार गंभीर मुद्दों पर भी ट्वीट करते रहते हैं लेकिन उनका इस बार का ट्वीट उनके लिए मुसीबत बन गया जिसके लिए खुद सहवाग को माफी मांगनी पड़ी है।
दरअसल, अट्टापड़ी इलाके में हुई आदिवासी युवक की हत्या के मामले में सहवाग ने शनिवार को ट्वीट कर कहा था कि "मधु ने एक किलो चावल चुराया और उबैद, हुसैन, अब्दुल करीम की भीड़ ने उस गरीब आदिवासी आदमी को मौत के घाट उतार दिया, यह एक सभ्य समाज के लिए कलंक की तरह है।" उनका यह ट्वीट लोगों को पसंद नहीं आया। लोगों को ये ट्वीट इसलिए भी पसंद नहीं आया क्योंकि सहवाग ने केवल तीन नाम (मुस्लिम युवकों) लिखे लेकिन मधु दी हत्या भीड़ ने की जिसमें कई लोग शामिल थे।
लोगों ने आरोप लगाया कि सहवाग इस मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर के पोस्ट पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए जमकर भड़ास निकाली। यूजर ने सहवाग से सवाल किया कि "और कितना नीचे गिरोगे सहवाग ?मधु को मारने वाली भीड़ में सिर्फ ये 3 मुसलमान ही नही थे, बल्कि हिन्दू और ईसाई भी शामिल थे, कुल 10 से ज्यादा लोग थे किंतु आपको सिर्फ 3 ही नाम दिखाई दिये? शायद इसी चमचागिरी और चाटुकारी की वजह से भाजपा से टिकट मिलेगा।"
और कितना नीचे गिरोगे सहवाग ?मधु को मारने वाली भीड़ में सिर्फ ये 3 मुसलमान ही नही थे, बल्कि हिन्दू और ईसाई भी शामिल थे, कुल 10 से ज्यादा लोग थे किंतु आपको सिर्फ 3 ही नाम दिखाई दिये?
— अनुप्रस्थ प्रवाह (@Jeyve02) February 24, 2018
शायद इसी चमचागिरी और चाटुकारी की वजह से भाजपा से टिकट मिलेगा
इसके अलावा मशहूर इतिहासकार और पूर्व बीसीसीआई की प्रशासक समिति के सदस्य रामचंद्र गुहा ने भी ट्वीट कर सहवाग पर निशाना साधा है। गुहा ने सहवाग को देश पर कलंक तक बता डाला। उन्होंने कहा, 'आर्मी चीफ सांप्रदायिक राजनीति कर रहे हैं और अब एक पूर्व क्रिकेटर भी ऐसा कर रहा है। बढ़िया... अंबेडकर, आजाद, गांधी, कमलादेवी, नेहरू और टेगौर के भारत के लिए ये दोनों कलंक हैं।'
The Army Chief playing communal politics, now a former cricketing great: both a disgrace to the India that Ambedkar, Azad, Gandhi, Kamaladevi, Nehru, Tagore built and nurtured: https://t.co/MQaL3BLtLE
— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) February 24, 2018
ट्विटर पर लोगों का निशाना बनते देख सहवाग ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया है। हालांकि एक अगले ट्वीट में उन्होंने मांफी मांगते हुए लिखा- 'यह मेरी गलती है कि मैंने इस जुर्म में शामिल बाकी आरोपियों के नाम नहीं लिखे, मैं इस बात के लिए माफी मांगता हूं, लेकिन मेरा ट्वीट सांप्रदायिक नहीं था। हत्यारे धर्म को विभाजित करते हैं लेकिन हिंसक मानसिकता से एकजुट होते हैं। वहां शांति हो सकती है।' लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि सहवाग ने अपना दूसरा ट्वीट भी डिलीट कर लिया है।
गुहा ने एक और ट्वीट कर लिखा- "केरल में मिश्रित भीड़ से नाम आसानी से चुन लिए लेकिन आपके अपने हरियाणा राज्य में हेट क्राइम पर शर्मनाक रूप से चुप रहे। शायद कभी एक महान क्रिकेटर रहे, लेकिन एक नीच इंसान निश्चित रूप से हैं। यदि उनके पास मानवता का एक औंस भी बचा है सहवाग अपना ट्वीट हटा देंगे।"
Cherry pick names from a mixed crowd in Kerala; stay shamefully silent on the rash of hate crimes in your own state of Haryana. Once great cricketer, maybe: despicable human being, certainly. If he has an ounce of humanity left, Sehwag would delete his tweet. https://t.co/2eFBLJRBJa
— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) February 24, 2018
एक और ट्वीट करते हुए गुहा ने लिखा- "खुशी है कि पहले आंशिक रूप से माफी मागी फिर, सहवाग ने अच्छा काम किया और पूरी तरह से अपने घृणास्पद ट्वीट को हटा दिया है। उसने अपनी मानवता को दिखाया है। उम्मीद है कि क्रिकेट, फिल्म, राजनीति और (हाँ) शिक्षाविदों में अन्य सितारे भी जब वे गलत साबित हों, अपनी गलतियों को भी स्वीकार करें!"
Glad that after first issuing a partial apology, Sehwag has done the decent thing and deleted his hateful tweet altogether. He has thus shown his humanity; wish other stars in cricket, film, politics & (yes) academics would, when shown to be wrong, admit their own mistakes too! https://t.co/is3IXVOv8z
— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) February 25, 2018