सचिन ने दिलाई भारत को आसान जीत
सिडनी, 03 फरवरीः ऑस्ट्रेलिया में चल रहे त्रिकेणीय सीरीज के पहले फाईनल में कल भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह विकेट की आसान जीत हासिल की. इस जीत के नायक सचिन तेंदुलकर रहे. सचिन के नाबाद 117 रनों की बारी ने भारत को ऑस्ट्रेलिया पर छह विकेट से जीत दिलाई साथ ही सचिन ने अपना 42वां और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर अपना पहला एकदिवसीय शतक पूरा कर लिया.
सचिन तेंडुलकर ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहला एकदिवसीय शतक जमाकर अपने आलोचकों के मुंह बंद करने के साथ ही भारत को त्रिकोणीय सिरीज के पहले फाइनल में आज यहां अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया पर 25 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट की जोरदार जीत दिलाई.
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने जीत के लिए 240 रनों का लक्ष्य रखा था. ऑस्ट्रेलिया ने सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन के 82 और मध्यक्रम में माइकल हसी के 45 रनों की बदौलत निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट पर 239 रन बनाए. भारत की ओर से हरभजन सिंह और प्रवीण कुमार ने दो-दो विकेट लिए.
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया. रिकी पोंटिंग का यह निर्णय भारत के लिए अच्छा रहा. भारत ने शुरुआती छह ओवरों में ही तीन कंगारुओं को पवैलियन लौटा दिया और इन तीन विकेटों में खुद पोंटिंग का विकेट भी शामिल रहा.
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की शुरुआत प्रवीण कुमार और ईशांत शर्मा ने की.तीसरे ही ओवर में कुमार ने गिलक्रिस्ट का विकेट लेकर कप्तान धोनी का उन्हें नई गेंद थमाने का फैसला सही साबित कर दिया.
गिलक्रिस्ट ने एक चौके की मदद से सात रन बनाने के बाद कुमार की एक गेंद को उठाकर मारने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का 'टॉप ऐज" लेकर उंची उठ गई और युवराज सिंह ने एक आसान कैच पकड़ लिया.
तेंडुलकर ने सही समय पर अपने बल्ले की चमक बिखेरकर नाबाद 117 रन की उम्दा पारी खेली जिससे भारत त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में पहली बार ऑस्ट्रेलिया से मैच जीतने में कामयाब रहा. दूसरा फाइनल चार मार्च को ब्रिसबेन में खेला जाएगा और यदि भारत उसमें जीत जाता है तो वह खिताब हासिल कर लेगा.
भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा और मैथ्यू हेडन के 82 रन के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट पर 239 रन ही बनाने दिए। तेज गेंदबाजों ने उपरी क्रम को झकझोर कर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर छह ओवर में तीन विकेट पर 24 रन कर दिया जबकि बाद में हरभजनसिंह की अगुवाई में स्पिनरों ने उस पर अंकुश लगाए रखा.
इसके बाद तेंडुलकर ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिच पर अपने ड्राइव, कट, पुल और स्वीप का बेजोड़ नजारा पेश किया. उन्हें युवा रोहित शर्मा (66) के रूप में अच्छा जोड़ीदार मिला और इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 123 रन की साझेदारी करके 45.5 ओवर में भारत का स्कोर चार विकेट पर 242 रन पर पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई.
पिछले साल छह बार 'नर्वस नाइंटीज' का शिकार बनने वाले तेंडुलकर शतक जमाने और भारत को 'बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल्स' में आगे करने की प्रतिबद्धता के साथ मैदान पर उतरे थे. वह जब 98 रन पर थे तब ब्रेट ली ने बीमर मारकर उनका आत्मविश्वास डिगाना चाहा.
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने हालांकि तुरंत उनसे माफी मांगी और तेंडुलकर ने उसे स्वीकार करके जेम्स होप्स के अगले ओवर में गली में एक रन लेकर ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 39वें मैच में पहला और कुल 42वां एकदिवसीय शतक पूरा किया.
श्रृंखला के शुरुआती सात मैच में लचर प्रदर्शन के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे तेंडुलकर ने अपनी पारी में 120 गेंद खेली तथा दस चौके जमाए. रोहित ने भी सचिन के बेहतर सहयोगी की अच्छी भूमिका निभाई. उन्होंने अपनी पारी में 87 गेंद का सामना करके आठ चौके लगाए.
मैच के बाद सचिन ने कहा कि उनका हमेशा से यहा सपना था कि वे सर डॉन ब्रैडमैन की जमीन पर एकदिवसीय शतक बनाएं और उन्हें खुशी है कि उन्होंने त्रिकोणीय श्रृंखला के पहले फाइनल में यह कारनामा कर दिखाया.
सचिन ने मैच की समाप्ति के बाद संवाददाताओं से कहा, “मेरा यह सपना था कि मैं ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर एकदिवसीय शतक बनाऊं. लेकिन पिछले 17 साल में मैं यह नहीं कर पाया था. मुझे खुशी है कि मैंने इतने महत्वपूर्ण मौके पर अपने लिए व्यक्तिगत तौर पर यह उपलब्धि हासिल कर ली."
सचिन तेंडुलकर ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहला एकदिवसीय शतक जमाकर अपने आलोचकों के मुंह बंद करने के साथ ही भारत को त्रिकोणीय सिरीज के पहले फाइनल में आज यहां अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया पर 25 गेंद शेष रहते हुए छह विकेट की जोरदार जीत दिलाई.
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने जीत के लिए 240 रनों का लक्ष्य रखा था. ऑस्ट्रेलिया ने सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन के 82 और मध्यक्रम में माइकल हसी के 45 रनों की बदौलत निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट पर 239 रन बनाए. भारत की ओर से हरभजन सिंह और प्रवीण कुमार ने दो-दो विकेट लिए.
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया. रिकी पोंटिंग का यह निर्णय भारत के लिए अच्छा रहा. भारत ने शुरुआती छह ओवरों में ही तीन कंगारुओं को पवैलियन लौटा दिया और इन तीन विकेटों में खुद पोंटिंग का विकेट भी शामिल रहा.
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की शुरुआत प्रवीण कुमार और ईशांत शर्मा ने की.तीसरे ही ओवर में कुमार ने गिलक्रिस्ट का विकेट लेकर कप्तान धोनी का उन्हें नई गेंद थमाने का फैसला सही साबित कर दिया.
गिलक्रिस्ट ने एक चौके की मदद से सात रन बनाने के बाद कुमार की एक गेंद को उठाकर मारने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का 'टॉप ऐज" लेकर उंची उठ गई और युवराज सिंह ने एक आसान कैच पकड़ लिया.
तेंडुलकर ने सही समय पर अपने बल्ले की चमक बिखेरकर नाबाद 117 रन की उम्दा पारी खेली जिससे भारत त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में पहली बार ऑस्ट्रेलिया से मैच जीतने में कामयाब रहा. दूसरा फाइनल चार मार्च को ब्रिसबेन में खेला जाएगा और यदि भारत उसमें जीत जाता है तो वह खिताब हासिल कर लेगा.
भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा और मैथ्यू हेडन के 82 रन के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट पर 239 रन ही बनाने दिए। तेज गेंदबाजों ने उपरी क्रम को झकझोर कर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर छह ओवर में तीन विकेट पर 24 रन कर दिया जबकि बाद में हरभजनसिंह की अगुवाई में स्पिनरों ने उस पर अंकुश लगाए रखा.
इसके बाद तेंडुलकर ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिच पर अपने ड्राइव, कट, पुल और स्वीप का बेजोड़ नजारा पेश किया. उन्हें युवा रोहित शर्मा (66) के रूप में अच्छा जोड़ीदार मिला और इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 123 रन की साझेदारी करके 45.5 ओवर में भारत का स्कोर चार विकेट पर 242 रन पर पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई.
पिछले साल छह बार 'नर्वस नाइंटीज' का शिकार बनने वाले तेंडुलकर शतक जमाने और भारत को 'बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल्स' में आगे करने की प्रतिबद्धता के साथ मैदान पर उतरे थे. वह जब 98 रन पर थे तब ब्रेट ली ने बीमर मारकर उनका आत्मविश्वास डिगाना चाहा.
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने हालांकि तुरंत उनसे माफी मांगी और तेंडुलकर ने उसे स्वीकार करके जेम्स होप्स के अगले ओवर में गली में एक रन लेकर ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 39वें मैच में पहला और कुल 42वां एकदिवसीय शतक पूरा किया.
श्रृंखला के शुरुआती सात मैच में लचर प्रदर्शन के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे तेंडुलकर ने अपनी पारी में 120 गेंद खेली तथा दस चौके जमाए. रोहित ने भी सचिन के बेहतर सहयोगी की अच्छी भूमिका निभाई. उन्होंने अपनी पारी में 87 गेंद का सामना करके आठ चौके लगाए.
मैच के बाद सचिन ने कहा कि उनका हमेशा से यहा सपना था कि वे सर डॉन ब्रैडमैन की जमीन पर एकदिवसीय शतक बनाएं और उन्हें खुशी है कि उन्होंने त्रिकोणीय श्रृंखला के पहले फाइनल में यह कारनामा कर दिखाया.
सचिन ने मैच की समाप्ति के बाद संवाददाताओं से कहा, “मेरा यह सपना था कि मैं ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर एकदिवसीय शतक बनाऊं. लेकिन पिछले 17 साल में मैं यह नहीं कर पाया था. मुझे खुशी है कि मैंने इतने महत्वपूर्ण मौके पर अपने लिए व्यक्तिगत तौर पर यह उपलब्धि हासिल कर ली."
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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