सहवाग जैसे खिलाड़ी से बीसीसीआई की इतनी बेरूखी क्यों?
मुंबई। भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के क्लोन यानी वीरेन्द्र सहवाग जैसे खिलाड़ी को क्या विदाई स्वरूप एक टेस्ट खेलने का हक नहीं है। आखिर क्यों बीसीसीआई ने वीरू की आखिरी मांग ठुकरा दी।
दरअसल टीवी चैनलों पर चल रही खबर के अनुसार काफी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे खब्बू बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग ने बीसीसीआई के सामने साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज का एक मैच खेलने की इच्छा जताई थी लेकिन बीसीसीआई ने उनकी इस इच्छा का सम्मान नहीं किया। सहवाग ने इसे अपने फेयरवेल मैच से जोड़ा था लेकिन सोमवार को जब टीम इंडिया का चयन हुआ था तो उसमें वीरू का नाम नहीं था।
जिसके बाद शाम तक खबर आयी कि वीरू ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, हालांकि सहवाग जो कि इन दिनों दुबई में हैं, ने इस बात का खंडन करते हुए कहा कि अभी संन्यास लिया नहीं है लेकिन वो दुबई से लौटने के बाद कुछ ऐसा जरूर कर सकते हैं। एक नजर मल्तान के सुल्तान के करियर पर..

वनडे में 8273 रन
251 वनडे में 8273 रन बनाए। 15 सेन्चुरी और 38 हाफ सेन्चुरी।

टेस्ट में 8586 रन
104 टेस्ट में 8586 रन बनाए। 23 सेन्चुरी और 32 हाफ सेन्चुरी।

394 रन
इसके साथ ही वीरू ने 19 टी-20 मैचों में 394 रन बनाए।

दो बार ट्रिपल सेंचुरी
सहवाग दुनिया के तीसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार ट्रिपल सेंचुरी बनाने का रिकॉर्ड बनाया।

डबल सेंचुरी
वनडे में डबल सेंचुरी लगाने वाले वो दुनिया और भारत के दूसरे क्रिकेटर थे।

विजडन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर
अप्रैल 2009 में सहवाग को विजडन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर के अवार्ड मिला। ये अवार्ड पाने वाले वो पहले इंडियन क्रिकेटर हैं।

एक टेस्ट तो बनता है ना?
क्या आपको नहीं लगता कि वीरू जैसे खिलाड़ी को एक टेस्ट मैच खिलाकर विदाई देनी चाहिए थी, इस बारे में अपने विचार नीचे के कमेंट बॉक्स में दर्ज करायें।
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