
ढूंढना होगा नया स्पॉन्सर
बीसीसीआई के सामने नए टाइटल स्पॉन्सरशिप को ढूंढना अब मुश्किल हो सकता है। कोरोना काल में देखना बाकी है कि अब काैन सी कंपनी बीसीसीआई के साथ बड़ी रकम के साथ करार करती है। हालांकि कई बड़ी कंपनियां आईपीएल 2020 के स्पॉन्सरशिप के लिए तैयार हो सकती है, लेकिन खाली स्टेडियम में होने जा रहे इस टूर्नामेंट के लिए उसी कॉन्ट्रैक्ट पर समझौता होना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए हटा वीवो
सूत्र के अनुसार, वीवी ने बीसीसीआई से कहा है कि उनकी सेल में इस बार कमी आई है, इसलिए वह ब्रेक चाहते हैं। ऐसे में फिर बदले में बीसीसीआई ने उनके सामने पेशकश रखी कि इस साल ब्रेक ले लिया जाए, लेकिन 2021 से लेकर 2023 तक आप स्पॉन्सर रह सकते हैं। गाैर करने वाली बात यह है कि बीसीसीआई ने करार खत्म नहीं किया, बल्कि वीवो कंपनी ने खुद एक साल के लिए करार तोड़ा था।

हो रहा था विरोध
बता दें कि बीसीसीआई का जमकर भारत में विरोध हो रहा था। आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने भी इस बारे में अपनी राय दी है और चीनी कंपनी के साथ करार तोड़ने के लिए बीसीसीआई को कहा था। वहीं सोमवार को अखिल भारतीय व्यापारी संघ ने बीसीसीआई (BCCI) के इस फैसले के खिलाफ गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर को खत लिखते हुए कहा था कि बीसीसीआई चीनी कंपनी से करार तोड़े। खैर, अब देखना यह बाकी है कि इस साल बीसीसीआई को स्पॉन्सर के रूप में काैन कंपनी मिलती है।


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