
जल्दबाजी के बजाय खिलाड़ियों की सहूलियत पर हो बीसीसीआई का ध्यान
वसीम जाफर का मानना है कि इन टूर्नामेंट के आयोजन में जल्दबाजी नहीं की जा सकती। ऐसे में बोर्ड को खिलाड़ियों की सुरक्षा तय करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि एक टूर्नामेंट से दूसरे टूर्नामेंट के बीच खिलाड़ियों को आराम करने का पर्याप्त समय मिल जाये और इसके आयोजन में जल्दबाजी न देखने को मिले।
उन्होंने कहा,' घरेलू स्तर पर आयोजित होने वाले सभी टूर्नामेंट में जल्दबाजी के बजाय खिलाड़ियों को आराम करने का पूरा समय देना चाहिये। मुझे यही लगता है कि विजय हजारे और दलीप ट्रॉफी के उन दो महीनों का उपयोग पर्याप्त आराम के लिए करे। जूनियर स्तर पर भी ऐसा ही करना चाहिए। मौजूदा सत्र में अंडर-23 और अंडर-19 में एकदिवसीय टूर्नमेंट को रद्द कर देना चाहिए।'

वेट एंड वॉच की नीति अपना रहा BCCI
उल्लेखनीय है कि फिलहाल बीसीसीआई ने घरेलू सत्र से पहले क्रिकेट की गतिविधियों को शुरु करने के लिये वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाई है। ऐसे में उम्मीद है कि घरेलू क्रिकेट की शुरुआत अगस्त में हो सकती है। इस पर बात करते हुए जाफर ने कहा कि बीसीसीआई की प्राथमिकता आईपीएल कराने पर होगी।
उन्होंने कहा, ‘जब भी सत्र शुरू होगा तो पहली प्राथमिकता आईपीएल आयोजित करने की होगी। बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) पहले टूर्नमेंट के रूप में आईपीएल के साथ शुरुआत कर सकता है। आईपीएल के खत्म होने के बाद बीसीसीआई इरानी ट्राफी (कप) का आयोजन कर सकता है क्योंकि सौराष्ट्र पहली बार चैम्पियन बना है और वह इसे खेलने का हकदार है।'

रद्द कर देने चाहिये घरेलू स्तर के 3 टूर्नामेंट
गौरतलब है कि बीसीसीआई का सारा ध्यान फिलहाल सितंबर-अक्टूबर के महीने में आईपीएल को आयोजित करने का है, हालांकि इसका भविष्य एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के भविष्य पर निर्भर करता है, जिनके रद्द हो सकने की काफी रिपोर्ट सामने आ रही है।
उन्होंने कहा, ‘आईपीएल के बाद हम रणजी ट्रॉफी को शुरू कर सकते हैं। अगले साल आईपीएल की नीलामी से पहले बीसीसीआई को सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट का आयोजन करा लेना चाहिए। बीसीसीआई को विजय हजारे, दलीप ट्रॉफी और देवधर ट्रॉफी को इस सत्र में रद्द कर देना चाहिए और इस दोनों प्रमुख टूर्नामेंट (रणजी और आईपीएल) पर ध्यान देना चाहिए ताकी खिलाड़ियों को आराम करने का पर्याप्त मौका मिल सके।'


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