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ललित मोदी ने आरोपों से इनकार किया

इंडियन प्रीमियर लीग के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड या बीसीसीआई की ओर आए कारण बताओ नोटिस में उन पर लगे आरोपों को निराधार बताया है.

इस कारण बताओ नोटिस में उन पर विश्व क्रिकेट को बाँटने और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया गया है.

कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि मोदी ने 31 मार्च को इंग्लैंड की तीन क्रिकेट काउंटी के अधिकारियों से दिल्ली में मुलाक़ात की और इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग या आईपीएल जैसा ही एक लीग ब्रिटेन में शुरू करने को लेकर चर्चा हुई.

नोटिस के मुताबिक़ इस बारे में आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल से किसी तरह की चर्चा नहीं हुई थी.

ललित मोदी से जब बीबीसी ने संपर्क किया तो उन्होंने कहा, "मेरी हर रोज़ न जाने कितनी ही बैठकें होती हैं और हर बैठक के बारे में गवर्निंग काउंसिल को नहीं बताया जा सकता."

मोदी अभी पहले कारण बताओ नोटिस का जवाब ही तैयार कर रहे थे कि इस बीच उन्हें दूसरा नोटिस मिला.

इस बार ये नोटिस इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड या ईसीबी के प्रमुख जाइल्स क्लार्क की ओर से बीसीसीआई को भेजे गए पत्र के बाद आया है.

मोदी की यॉर्कशर काउंटी के मुख्य कार्यकारी स्टुअर्ट रीगन, लैंकशर काउंटी का प्रतिनिधित्त्व कर रहे डेविड हॉजकिस और वॉरिकशर काउंटी का प्रतिनिधित्त्व कर रहे कॉलिन पोवी से मुलाक़ात हुई थी.

उन पर आरोप है कि मोदी ने ये प्रस्ताव रखा कि अगर काउंटी इस लीग के प्रस्ताव पर राज़ी हो जाते हैं तो उन्हें प्रति वर्ष तीस से पचास लाख डॉलर प्रति वर्ष और मैच आयोजित करने के लिए 15 लाख डॉलर तक दिए जा सकते हैं.

मोदी को भेजे गए पाँच पन्ने के नोटिस में बीसीसीआई के सचिव एन श्रीनिवासन ने कहा है कि इस प्रस्ताव के ज़रिए मोदी ने खिलाड़ियों में विद्रोह के बीज डालने की कोशिश की है.

बीसीसीआई का मानना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो ये पूरी दुनिया में क्रिकेट को प्रभावित करते क्योंकि खिलाड़ी अपने देश की ओर से टेस्ट या वनडे क्रिकेट खेलने की बजाए आईपीएल की तरह का क्रिकेट खेलना पसंद करते.

यानी पैसे के दम पर खिलाड़ियों की निष्ठा ख़रीदी जा सकती थी.

बीसीसीआई का कहना है कि मोदी की इस तरह की कोशिश से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और ईसीबी के साथ उसके रिश्ते प्रभावित हुए हैं.

इधर मोदी का कहना था कि उन्होंने किसी को किसी प्रस्ताव पर बात करने के लिए नहीं बुलाया था वे अधिकारी उनसे मैच के दौरान मिले थे और उसी दौरान कुछ विषयों पर बात हुई.

इस बीच ब्रिटेन के गार्डियन अख़बार में यॉर्कशर काउंटी के चेयरमैन कॉलिन ग्रेव्स का बयान छापा है जिसमें इन सभी आरोपों से इनकार किया गया है.

ग्रेव्स ने इस बात से इनकार किया कि मोदी किसी भी तरह से गुपचुप तरीक़े से कोई सौदा करने की कोशिश कर रहे थे. उनके मुताबिक़ बातचीत के बारे में ईसीबी के प्रमुख जाइल्स क्लार्क को पूरी जानकारी दी गई थी इस दौरान कोशिश आईपीएल की सफलता से सीख लेने की रही है.

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:36 [IST]
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