प्रवक्ता शाहिद ने कहा कि हमारे बयान को सचिन की आलोचना मान लिया गया। शाहिद के अनुसार कुछ लोग ऐसा सोंचते हैं कि सचिन भले ही बहुत अच्छा खिलाड़ी है उसकी तारीफ न करो क्योंकि वह भारतीय है, जबकि मिस्बाह भले ही कितना खराब खिलाड़ी हो उसकी तारीफ करो क्योंकि वह पाकिस्तानी है आज कुछ लोग इसी तरह का बर्ताव कर रहे हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि कुछ समय पहले अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गये तालिबानी हकीमुल्लाह महसूद को जमात ए प्रमुख के नेता मुनव्वर हसन ने शहीद करार दिया था। जिस पर मुनव्वर की आलोचना की गई थी। साथ ही शाहिद ने यह भी कहा कि अमेरिका के द्वारा मारे गये लोगों को शहीद करार दिया जाता है पर जो इस्लाम के लिए लड़ता है उसे शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है।
सचिन के सन्यास को पाक मीडिया ने बेहतर कवरेज दी थी और कहा था कि विश्व क्रिकेट को सचिन तेंदुलकर की कमी खलेगी। एक उर्दू दैनिक इंसाफ ने लिखा था कि सचिन जैसे खिलाड़ी रोज पैदा नहीं होते हैं, सभी उनकी इज्जत करते हैं।