बेंगलुरू। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का बेहद ही संदिग्ध और अचनक टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा ने क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया था। यही नहीं धोनी के सन्यास के पीछे उनके और कोहली के बीच विवाद को भी इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा था। लेकिन विराट कोहली पहली बार इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है।[अजहर ने कोहली को दी संयम रखने की सलाह]
धोनी ने हमें संवारा था
बॉक्सिंग डे टेस्ट के ठीक पहले 30 दिसंबर 2014 को धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर दी थी जिसने पूरी टीम को चौंका दिया था। कोहली ने उस समय को साझा करते हुए कहा कि हम सब धोनी के फैसले से आश्चर्यचकित थे।
मेरे दिमाग में पहला खयाल यही आया था कि हम हमेशा धोनी की कप्तानी में ही खेले हैं। उन्होंने हम सभी को संवारा है और हमें मौके देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया है, और धोनी अब टेस्ट कप्तान नहीं होंगे।
धोनी के फैसले के बाद में अपने कमरे में अनुष्का के पास गया
कोहली ने कहा कि वास्तव में उस समय यह बिल्कुल भी मैं सोच नहीं पा रहा था कि अब मैं टेस्ट कप्तान होने वाला हूं। लेकिन इसके एक घंटे बाद जब स्थित थोड़ी संभली तो मैं अपने कमरे में गया।
अनुष्का भी उस सीरीज को देखने के लिए आयी हुई थी और मैंने उसे भी यह सब बताया। उसकी भी फीलिंग उस समय मिलीजुली थी और उसे भी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ये सब अचानक से क्या हुआ।
मैं खुद को उस वक्त नहीं रोक पाया
कोहली ने कहा कि कुछ देर बाद मेरी और अनुष्का की आंखों में आंशू थे और तब मैंने सोचा कि कि अब मैं टेस्ट टीम का कप्तान होने जा रहा हूं वो भी एक या दो मैच के लिए नहीं बल्कि स्थायी तौर पर। उसके बाद मैं बुरी तरह रोने लगा क्योंकि मैंने कभी भी यह नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम पर पहुंचुंगा।
कोहली ने कहा कि अगर आप उस वक्त मुझसे कहते जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरु किया था कि मैं 26 साल की उम्र में टेस्ट टीम का कप्तान बन जाउंगा तो मैं कहता ऐसा कभी नहीं हो सकता है। कोहली ने कहा कि इतने साल स्कूल, क्लब, स्टेट और देश के लिए खेलने के बाद इतना बड़ा मौका दिये जाने के बाद यह क्षण मेरे लिए बेहद खास है।