टेस्ट कप्तान बनने के बाद बस चलाकर टीम को होटल ले गए थे महेंद्र सिंह धोनी

when mahendra singh dhoni himself drove the team bus to the hotel

नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर कई बार हैरतअंगेज चीजें देखने को मिलती है। ऐसी घटनाएं तो मैदान पर कैमरे में कैद हो जाती है लेकिन कुछ मजेदार और रोचक किस्से ऐसे भी होते हैं जो ड्रेसिंग रूम तक ही सिमट जाता है। ऐसे किस्से तब सामने आते हैं जब किसी बड़े खिलाड़ी की आत्मकथा और क्रिकेट से जुड़ी किताबों के जरिए ही सामने आती है। ऐसा ही एक किस्सा सामने आया है। यह किस्सा भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से जुड़ा है।

281 एंड बियोंड:

281 एंड बियोंड:

दरअसल, अपनी कलात्मक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा लिखी है जो 20 नवंबर को प्रशंसकों के लिए उपलब्ध होगी। 2 नवंबर को इसका कवर लॉन्च किया गया। ये आत्मकथा वेस्टलैंड पब्लिकेशन द्वारा जारी की जाएगी। लक्ष्मण की आत्मकथा का शीर्षक ‘281 एंड बियोंड' है, जो साल 2001 में ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्मण की 281 रनों की शानदार सीरीज-टर्निंग पारी से लिया गया है। इस किताब में भारतीय ड्रेसिंग रूम में घटे रोचक किस्से का जिक्र किया गया है।

धोनी चलाने लगे बस:

धोनी चलाने लगे बस:

लक्ष्मण ने इस किताब में है कि मेरे साथ हमेशा रहने वाली यादों में से एक याद तब की है, जब महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय टीम की बस चलाई थी। लक्ष्मण ने बताया है कि यह वाकया उनके 100वें टेस्ट मैच के दौरान हुआ, जब धोनी नागपुर में टीम की बस को होटल तक चलाकर ले गए थे।मुझे अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था। टीम का कप्तान बस चलाकर हमें ग्राउंड से वापस ले जा रहा था। अनिल कुंबले के रिटायरमेंट के बाद यह उनका (धोनी का) बतौर कप्तान पहला टेस्ट मैच था।' इसके साथ ही उन्होंने धोनी को लेकर लिखा, 'ऐसा लग रहा था कि वह दुनिया से बेपरवाह थे। वह ऐसे ही थे, चुलबुले और जमीन से जुड़े हुए।'

नहीं थे धोनी से कोई मतभेद:

नहीं थे धोनी से कोई मतभेद:

लक्ष्मण ने अपने संन्यास के समय की बात का जिक्र करते हुए लिखा है। कि जब मैंने मीडिया को अपने रिटायर होने के फैसले की जानकारी दी तो सवाल यह था कि क्या मैंने इस बारे में टीम के अन्य खिलाड़ियों को बताया है? इस सवाल का जवाब हां था, इसके बाद मीडिया की तरफ से अगला सवाल था क्या उन्होंने इसके बारे में धोनी को बताया है? इस पर लक्ष्मण ने मजाकिया लहजे में कह दिया था कि धोनी के पास पहुंचना कितनना मुश्किल हैं सब जानते हैं।लक्ष्मण ने बताया कि इसके बाद मीडिया में खबरें आने लगीं कि उन्होंने धोनी के साथ मतभेदों की वजह से रिटायर होने का फैसला लिया है।

यह भी पढ़ें: शास्त्री बोले- मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ग्लेन मैकग्रा या शेन वार्न कुछ कहते हैं या नहीं ...

For Quick Alerts
Subscribe Now
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

    Story first published: Sunday, November 18, 2018, 17:35 [IST]
    Other articles published on Nov 18, 2018
    POLLS

    MyKhel से प्राप्त करें ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट

    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more