
281 एंड बियोंड:
दरअसल, अपनी कलात्मक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा लिखी है जो 20 नवंबर को प्रशंसकों के लिए उपलब्ध होगी। 2 नवंबर को इसका कवर लॉन्च किया गया। ये आत्मकथा वेस्टलैंड पब्लिकेशन द्वारा जारी की जाएगी। लक्ष्मण की आत्मकथा का शीर्षक ‘281 एंड बियोंड' है, जो साल 2001 में ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्मण की 281 रनों की शानदार सीरीज-टर्निंग पारी से लिया गया है। इस किताब में भारतीय ड्रेसिंग रूम में घटे रोचक किस्से का जिक्र किया गया है।

धोनी चलाने लगे बस:
लक्ष्मण ने इस किताब में है कि मेरे साथ हमेशा रहने वाली यादों में से एक याद तब की है, जब महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय टीम की बस चलाई थी। लक्ष्मण ने बताया है कि यह वाकया उनके 100वें टेस्ट मैच के दौरान हुआ, जब धोनी नागपुर में टीम की बस को होटल तक चलाकर ले गए थे। मुझे अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था। टीम का कप्तान बस चलाकर हमें ग्राउंड से वापस ले जा रहा था। अनिल कुंबले के रिटायरमेंट के बाद यह उनका (धोनी का) बतौर कप्तान पहला टेस्ट मैच था।' इसके साथ ही उन्होंने धोनी को लेकर लिखा, 'ऐसा लग रहा था कि वह दुनिया से बेपरवाह थे। वह ऐसे ही थे, चुलबुले और जमीन से जुड़े हुए।'

नहीं थे धोनी से कोई मतभेद:
लक्ष्मण ने अपने संन्यास के समय की बात का जिक्र करते हुए लिखा है। कि जब मैंने मीडिया को अपने रिटायर होने के फैसले की जानकारी दी तो सवाल यह था कि क्या मैंने इस बारे में टीम के अन्य खिलाड़ियों को बताया है? इस सवाल का जवाब हां था, इसके बाद मीडिया की तरफ से अगला सवाल था क्या उन्होंने इसके बारे में धोनी को बताया है? इस पर लक्ष्मण ने मजाकिया लहजे में कह दिया था कि धोनी के पास पहुंचना कितनना मुश्किल हैं सब जानते हैं। लक्ष्मण ने बताया कि इसके बाद मीडिया में खबरें आने लगीं कि उन्होंने धोनी के साथ मतभेदों की वजह से रिटायर होने का फैसला लिया है।


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